असदुद्दीन ओवैसी ने कहा जब तक बीजपी में सत्ता में है मोब्लिंचिग नही रुकेगा ।
प्लानिंग के साथ मुस्लिम और दलितों को बनाया जा रहा है निशाना
फखरे आलम,घनश्यामपुर
दरभंगा: एक दिवसीय जलसे का कार्यक्रम किया गया जिसमें दूर दराज से आए मौलाना आलिमो ने दीनी बातो से लोगों को अवगत कराया।घनश्यामपुर प्रखंड के अंतर्गत ग्राम पंचायत पाली व पोहद्दी बेला में एक एक दिवसीय इजलासे दस्तार बंदी व इस्लाहे मुआशरे का कार्यक्रम किया गया।
जिसमें कुल 73 छात्रों ने कुरान मजीद अपने दिल में बसाया और हाफ़िज़ की पढ़ाई पूरी की सभी हाफिजों को दस्तार बाँधा गया।जलसे से में आए हजारो की संख्या में लोगों को ये बताया गया कि इस्लाम धर्म एकता का पैगाम देता है।इस्लाम धर्म नहीं कहता कि तुम आपसी रंजिश रखो।
व अपने बच्चों को दुनियां की शिक्षा के साथ साथ दीनी शिक्षा देना भी बहुत जरुरी है।आज हमारे 73 बच्चों ने हिफ़्ज़ मुकम्मल किया है।ये कोई छोटी बात नहीं है।
आज के दौर में सब अपने बच्चों को डॉक्टर इंजिनियर वगेरा बनाना चाहते हैं।लेकिन हाफ़िज़ बना नहीं चाहता वही 73 बच्चों ने कुरआन हिफ़्ज़ किया है।पाली में जलसे की अध्यक्षता मौलाना आफ़ताब आलम कासमी नदवी द्वारा काफी बेहतर ढंग से की गई।
वही प्रखण्ड के ग्राम पंचायत गानौन के मदरसा समीनुल उलूम शाहपुर में सालाना एख्ततामी इजलास यानि वार्षिक प्रतियोगिता का आयोजन किया गया।जिसमें मदरसे के तालबा यानि छात्र छात्राओं ने कुरआन मजीद व नाते पाक पढ़ अपने शिक्षा का प्रदर्शन किया मदरसे के H M मौलाना आफताब आलम कासमी नदवी व कार्यक्रम देखने आये मेहमानों द्वारा बच्चों को पुरुस्कार से सम्मानित किया गया।
मुज्ज़फ्फर् नगर : दोस्तों तालीम एक ऐसी चीज है जो ना तो आप किसी से खरीद सकते है ना ही चुरा सकते हो तालीम एक ऐसी चीज है जो हर किसी के पास नही होती किसी के पास पैसो को लेकर तो किसी की मजबूरी लेकिन हमे अपनी मजबूरी के साथ साथ अपने बच्चो के भविष्य का भी ध्यान रखना चाहिए |
अगर आप के पास प्राईवेट स्कूल मे पढाने के लिए पैसे नही है तो अपने बच्चो को सरकारी स्कूल मे भेजो | मुस्लिम समाज के अन्दर अगर 50% बच्चे स्कूल मे पढते वे 8 या 10 तक अच्छी तरह से पढते हे बाद मे 25%बच्चे सोचते हे की हम मुसलमान हे हमे नौकरी कौन देगा ओर 25% बच्चो के मा बाप पैसे कमाने के लिए कहते हैं|
और पैसे कमाने के लिए छोड देते है एग्ज़ाम के वक्त अगर पेपर 50 नम्बर का हे तो उसे आप अच्छे से कर के आए मे तो ऐसा कहूगा की 50 नम्बर के बजाय 60 नम्बर का पेपर कर के लौटे अगर आपकी तरफ से कोई कमी नही हे तो सामने वाला खुद झुक जाएगा |
आपको काम देना ही होगा इस गलत फहमी मे मत रहीए नौकरी नही मिलेगी मे भी आपकी तरह ये गलत सोच अपने मन मे रखता था लेकिन मे गलत था अब मेने भी फिर से पढाई शुरू कर दी ओर दोस्तो हमे कोशिश नही ठानना है फिर देखो सच्ची लगन से आपकी मेहनत जरूर रंग लाएगी
इसलिए ही तो मे कहता हू हमने ठाना है मन्दिर मे गीता हो चाहे मस्जिद मे हो कुरान सब के अन्दर लिखा है बस एक ही नाम राम बोलो चाहे बोलो अल्लाह | यहा कोई किसी का नही है मेरे भाई वोही भरता है सबका पल्ला
जिशान आलम नगला राई मुजफ्फरनगर
दोस्तों मे एक हिन्दुस्तानी होने के नाते मेरी सामाजिक जिम्मेदारी कि एक कोशिश हे | मे अपने हिन्दुस्तानी भाईयो को यकीन दिलाना चाहता हू के किसी भी इंसान को बदनाम करना या किसी के दिलो को ठेस पहुंचाना मेरा इरादा नही हे और ना रहेगा |
एकता ही एक ऐसी चीज हे जिसमे सबसे बड़ी ताकत हे इस देश की ताकत हे भारत के चार सिपाही हिन्दू मुस्लिम सिख इसाई इनमे से एक भी अगर अलग हो गया तो हमारा देश कमजोर हो जाएगा आपने एक कहानी तो स्कूल मे पढी होगी |एक बूढे आदमी के चार बेटे थे वे आपस मे लडते झगडते रहते थे एक दिन उस बूढ़े ने अपने चारो बेटो को अपने पास बुलाया और उन्हे एक लकड़ी का बड़ा सा गट्ठर देकर तोड़ने को कहा बेटो ने एक-एक कर तोड़ने की कोशिश की पर वे नाकाम रहे फिर उस बूढ़े आदमी ने अपने बेटो को गट्ठर खोलकर लकड़ी तोड़ने को कहा उन्होंने बारी बारी से लकड़ी तोड़ दी |
इस समय ये ही हाल हमारे देश का हे अगर हम अलग अलग रहेगे तो हमे कोई भी तोड़ सकता हे ओर हम साथ मिलकर रहेगे तो हमारा कोई कुछ नही बिगाड़ सकता | किसी को अजान से परेशानी हे तो किसी को हिन्दुस्तान मे रहने वालों से परेशानी हे मे एक बात कहता हू के जिस दिन गंगा जमुनी तहज़ीब वापस आ गई उस दिन रूप बदल जाएगा अपने हिन्दुस्तान का |
आज हमारे समाज के सामने कई ऐसी चीज हैं जिन से लड़ने के बजाय हम उन पर पर्दा डालने की कोशिश करते हे इससे गुनाह करने वालो के होसले बुलंद हो जाते हैं ! एक काफ़ी मशहूर शेर अर्ज़ है
लोग टूट जाते हे एक घर बनाने मे तुम को तो शर्म नही आती बस्तीया मिटाने मे
Raju lari Edit by Asif khan
Shahid Akbar
पत्रकारिता को लोकतंत्र का चौथा स्तंभ कहा जाता है। पत्रकारिता एक जिम्मेदारी भरा काम है, अत: हर पत्रकार को खबर, समाज और देश को लेकर चौकन्ना रहना चाहिए। एक छोटी सी गलती पत्रकार और पत्रकारिता संस्थान पर भारी पड़ सकती है।
पत्रकारिता की भी एक लक्ष्मण रेखा होती है जिसे हम पत्रकारिता की आचार संहिता भी कह सकते हैं। उदाहरण के लिए टीवी पर या अखबार में रेप पीड़िता का नाम, फोटो या उससे संबंधी किसी भी जानकारी को प्रकाशित या प्रसारित करना अपराध की श्रेणी में आता है,
इस मामले में पत्रकारिता संस्थान और पत्रकार पर कार्रवाई भी हो चुकी है। अत: हर पत्रकार को अपनी सीमा का ध्यान रखना चाहिए।
पत्रकारिता की आचार संहिता का रखें ध्यान
1. पत्रकार को किसी भी विचारधारा से प्रभावित होकर खबर का प्रकाशन या प्रसारण नहीं करना चाहिए। पत्रकार को हर समय न्यायनिष्ट और निष्पक्ष रहना चाहिए।
2. हमारे देश में जाति और धर्म के नाम पर हमेशा विवाद होता रहता है, कई बार तो दंगे की नौबत भी आ जाती है। अत: एक पत्रकार को खबर का प्रकाशन और प्रसारण करते समय विशेष सावधानी और निष्पक्षता बरतनी चाहिए। किसी भी प्रकार से जाति या धर्म को लेकर टिका-टिप्पणी नहीं करना चाहिए।
3. खबर की मूल आत्मा के साथ खिलवाड़ नहीं करना चाहिए। खबर जो है ठीक वैसे ही पेश करना चाहिए। समाचारों में तथ्यों को तोडा मरोड़ा न जाये न कोई सूचना छिपायी जाये।
4. व्यावसायिक गोपनीयता का निष्ठा से अनुपालन का ध्यान रखना चाहिए।
5. पत्रकारिता एक मिशन है अत: इसका इस्तेमाल व्यक्तिगत हित साधने के लिए नहीं किया जाना चाहिए। प्राय: कई एेसे पत्रकार और पत्रकारिता संस्थान पत्रकारिता को ढाल बनाकर उसके आड़ में गलत धंधा करते हैं। खुद को पत्रकार बताकर नियम-कानून की अवहेलना करना या मनमानी करना भी अपराध की श्रेणी में आता है।
6. पत्रकार अपने पद और पहुंच का उपयोग गैर पत्रकारीय कार्यों के लिए न करें। उदाहरण के लिए- प्राय: ऐसा देखा जाता है कि कई बार ट्रैफिक नियम का पालन ना करने पर जब पत्रकार को दंडित किया जाता है तो वह खुद को प्रेस से बताकर अपने पद का दुरुपयोग करता है।
7. पत्रकारिता पर कई बार पेड न्यूज जैसे दाग लग चुके हैं। अत: पत्रकारिता की मर्यादा का ध्यान रखते हुए एक पत्रकार को रिश्वत लेकर समाचार छापना या न छापना अवांछनीय, अमर्यादित और अनैतिक है।
8. हर व्यक्ति की इज्जत उसकी निजी संपत्ति होती है। जिस पर सिर्फ उसी व्यक्ति का अधिकार होता है किसी के व्यक्तिगत जीवन के बारे में अफवाह फैलाने के लिए पत्रकारिता का उपयोग नहीं किया जाये। यह पत्रकारिता की मर्यादा के खिलाफ है। अगर ऐसा समाचार छापने के लिए जनदबाव हो तो भी पत्रकार पर्याप्त संतुलित रहे।
कुछ साल पहले राष्ट्रपति एपीजे अव्दुल कलाम के हस्ताक्षर से एडीटर्स गिल्ड आफ इंडिया ने एक पत्रकार व्यवहार संहिता भी जारी की थी। इसमें भी काफी मनन के बाद कई बिंदुओं को शामिल किया गया था। कुछ प्रमुख बातें इस प्रकार हैं-
1. पर्याप्त समय सीमा के तहत पीड़ित पक्ष को अपना जवाब देने या खंडन करने का मौका दें।
2. किसी व्यक्ति के निजी मामले को अनावश्यक प्रचार देने से बचें।
3. किसी खबर में लोगों की दिलचस्पी बढ़ाने के लिए उसमें अतिश्योक्ती से बचें।
4. निजी दुख वाले दृश्यों से संबंधित खबरों को मानवीय हित के नाम पर आंख मूंद कर न परोसा जाये।मानवाधिकार और निजी भावनाओं की गोपनीयता का भी उतना ही महत्व है।
5. धार्मिक विवादों पर लिखते समय सभी संप्रदायों और समुदायों को समान आदर दिया जाना चाहिए।
6. अपराध मामलो में विशेषकर सेक्स और बच्चों से संबंधित मामले में यह देखना जरूरी है कि कहीं रिपोर्ट ही अपने आप में सजा न बन जाये और किसी जीवन को अनावश्यक बर्बाद न कर दे।
7. चोरी छिपे सुनकर (और फोटो लेकर) किसी यंत्र का सहारा लेकर ,किसी के निजी टेलीफोन पर बातचीत को पकड़ कर ,अपनी पहचान छिपा कर या चालबाजी से सूचनाएं प्राप्त नहीं की जायें। सिर्फ जनहित के मामले में ही जब ऐसा करना उचित है और सूचना प्राप्त करने का कोई और विकल्प न बचा हो तो ऐसा किया जाये।
कुछ ऐसी बातें हैं जिससे पत्रकार को फिल्ड में या डेस्क पर काम करते वक्त हमेशा दो-चार होना पड़ता है, इसलिए उपरोक्त सभी बातों को ध्यान में रखने के साथ साथ एक पत्रकार को इस बात का विशेष ध्यान रखना चाहिए,
1. खबर, विजुअल या ग्राफिक्स में रेप पीड़िता का नाम, फोटो या किसी तरह का कोई पहचान ना हो। फोटो को ब्लर करवाकर इस्तेमाल किया जा सकता है।
2. न्यायालय को इस देश में सर्वश्रेष्ठ माना गया है इसलिए न्यायालय की अवहेलना नहीं होनी चाहिए।
3. देश हित एक पत्रकार की प्राथमिकता होती है अत: पत्रकार को देश के रक्षा और विदेश नीति के मामले में कवरेज करते वक्त देश की मर्यादा का हमेशा ध्यान रखना चाहिए।
4. न्यायालय जब तक किसी का अपराध ना सिद्ध कर दे उसे अपराधी नहीं कहना चाहिए इसलिए खबर में उसके लिए आरोपी शब्द का इस्तेमाल करें।
5. अगर कोई नाबालिग अपराध करता है तो उस आरोपी का विजुअल ब्लर करके ही चलाना चाहिए !
by: raju lari
इलाहाबाद:इलाहाबाद हाईकोर्ट द्वारा वाहनों पर फर्जी तरीके से प्रेस या पुलिस लिखकर धौंस जमाने वालों की अब खैर नहीं। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने इस मामले में निर्देश जारी कर दिए हैं ।
इसके तहत अब यदि कोई व्यक्ति फर्जी तरीके से अपने वाहन पर प्रेस या पुलिस लिखवाएगा, तो उसके खिलाफ 420 धारा के तहत कार्रवाई होगी। कोर्ट के निर्णय के बाद फर्जी पत्रकारों में हडकम्प मचा हुआ है।
ख़ास तौर पर प्रेस लिखवाने वाले व्यक्ति से पत्रकारिता से सम्बंधित चीज़े भी पूछी जा सकती है व् पैसे देकर प्रेस कार्ड बनाने वाले व्यक्ति को एवं बनवाने वाले व्यक्ति को भारी जुर्माने के साथ साथ 7 वर्ष की कैद भी हो सकती है साथ ही सम्बंधित वहन सीज़ कर दिया जायेगा।
भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 420 के तहत किसी को व्यक्ति को कपट पूर्वक या बेईमानी से उत्प्रेरित कर आर्थिक, शारीरिक, मानसिक, संपत्ति या ख्याति संबंधी क्षति पहुंचाना शामिल है। यह एक दंडनीय अपराध है। इसके तहत सात साल तक के कारावास की सजा का प्रावधान है।
अब्दुल अव्वल चौधरी- रिपार्ट
अपने जिंदा होने का सबूत दो और पोस्ट को ज्यादा से ज्यादा शेयर करो
क्योंकि भाजपा की रखेल मीडिया इस जन सैलाब को कभी नहीं दिखाएगी``````````````
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शरीयत की हिमायत में लिए जयपुर के ईदगाह मे पहुची 20 हज़ार महिलाये
ईदगाह में हुआ मुस्लिम महिलाओं का इजलास ए आम आज
शरियत और ट्रिपल तलाक के समर्थन मेंजयपुर की ईदगाहआमतौर पर ईद की नमाज़ के वक्त जो ईदगाह पुरुषों से
भरी नज़र आती है,
आज उसमे महिलाओं का हुजूम नज़र आया।
राजधानी के इस इजलास में मुस्लिम महिलाओं के अधिकार व चुनौतियां’ पर सेमिनार का आयोजन हुआ ,
इस्लामी शरियत और भारतीय संविधान की जानकारों ने महिलाओ को उनके अधिकारों,
समस्याओं और चुनोतियों से निपटने की जानकारी दी।
और मुस्लिम महिला वक्ताओं ने महिलाओ के सामने देशभर में तलाक के आंकड़े रखे और बताया कि आज देश मे सबसे कम तलाक के मामले मुस्लिम समाज मे हैं,
जबकि माहौल ऐसा बनाया जा रहा है जैसे सबसे ज़्यादा तलाक ही मुसलमानो में हो रहे हों।
उन्होंने कहा कि ये एक साजिश है ताकि मुसलमानो को बदनाम किया जा सके और
महिलाओं के अधिकारों के नाम पर मुसलमानो मुस्लिम महिलाएं खुलकर शरीयत के समर्थन में आगे आयी है,
यही वजह है कि शरीयत पर सवाल खड़ा करने वाली अनभिज्ञ महिलाओं की तादाद पांच-दस से ज़्यादा नही होती थी
और आज की ईदगाह मे जयपुर में शरीयत की हिमायत के लिए 20 हज़ार से ज़्यादा महिलाये पहुची हैं।
इजलास में इस्लाम, पवित्र कुरआन और हदीसो की रोशनी में जानकारी दी गयी।
साथ ही इस्लाम में निकाह और तलाक के तरीकों पर बात हुई, साथ ही कुरान व संविधान में महिलाओं के हक
पर भी बात इस्लाम व शरियत पर गलतफहमियों को दूर करने पर चर्चा की।
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By Asif khan
सूचना :डिस्क्लेमर ये लेखक के अपने निजी विचार हैं ! ज़रूरी नहीं के minorities news इनसे सहमत हों ! लेकिन आलोचना प्रकाशित करना ज़रूरी होता है !
रूमाना सिद्दीक़ी जी लिखती हैं की ,कब आँखे खोलोगे मुसलमानो ??
1. आप 1400 से ज्यादा सालोँ से अपने हक के लिए लड़े जा रहे है, अल्लाह जाने कौन सा हक़ है जो पूरी दुनियाँ आपको 1400 सालों से नही दे पा रही…
2. आप सिर्फ लड़ने के लिए ही पैदा हुए, जहाँ गैर मुस्लिम है वहां आप उनसे लड़ रहे है, जहाँ गैर मुस्लिम नही है वहां आप आपस में ही लड़ रहे है…
3. आप लड़ना बन्द नही कर सकते इसलिए कम से कम लड़ाई के तरीके बदलिए ताकि आप की हार जीत में बदल सके… आप मेरे देखते देखते 2014 के बाद से भारत में लगातार राजनैतिक रूप से हार रहे है… आप के योगदान के बिना सरकारें बन रही, आपकी मर्जी के खिलाफ पीएम और सीएम बन रहे है… लोग आपको आपकी विचारधारा को नकार रहे हैं… अपने खिलाफ ये नकारात्मक माहौल आपका खुद का बनाया हुआ है…
4. सच्चर कमेटी की रिपोर्ट कहती है मुसलमानो की हालात सबसे खराब है देश में, लाखो मुस्लिम बेघर है, शिक्षा के आभाव में पंचर बना रहे, न आप बड़े उद्योगपति है, न देश में होटल आपके, न मॉल, न हॉस्पिटल आपके, न आपके बैंक एकाउंट न एकाउंट में पैसा लेकिन नोटबन्दी के खिलाफ आप इतने मुखर थे जैसे सबसे बड़ा घाटा आपका ही हुआ, जैसे आपके लाखो करोड़ो के नोट बर्बाद हो गए, जैसे बेरोजगार सिर्फ मुस्लिम ही हुए हो…
5. आप खुद ही कहते रहे की बूचड़खाने भाजपा के हिन्दू नेताओ और जैनियों के है, सिर्फ 14% मांस मुस्लिम खाते है बाकी का हिन्दू खाते है… और अवैध बूचड़खानों पर सबसे ज्यादा कपड़े आप ही फाड़ रहे… तो आप खुद ही अपने झूठ का पर्दाफाश कर के अपने खिलाफ नकरात्मक माहौल बनाते है फिर इलज़ाम दूसरों पर क्यों लगाते है… बूचड़खानों पर या तो आप कल झूठ बोल रहे थे या आज झूठ बोल रहे है…
6. एंटीरोमियो स्क्वाड पर भी आपकी आपत्ति बेवज़ह है… आप अपनी बहू बेटियों को बुर्के में रखते है ताकि बुरी नज़र से बचाया जा सके, महिलाओं को अकेले बाहर जाने की इज़ाज़त नही इस्लाम में, आप पञ्च वक्त के नमाज़ी और ईमान वाले है, आपको भी नज़र के पर्दे का हुक्म है , चरित्रहीन महिला को संगसार करने की सज़ा है इस्लाम में , फिर एंटीरोमियो स्क्वाड का विरोध आप किस लॉजिक के आधार पर कर रहे…?
7. साल भर आप जय भीम जय मीम करते है, भीम भी आपके साथ ब्राह्मणों को गरियाता है और चुनाव के वक्त मीम को छोड़ के भगवा थाम लेता है। आपको ईवीएम टेम्परिंग का झुनझुना पकड़ा दिया जाता है और आप बजाते रह जाते हैं।”
8. देश का नाम भारत है, हिंदुस्तान है पहले आर्यव्रत, रीवा भी था मतलब संस्कृत और हिंदी नाम ही रहे, भारत में साधू संत देवी देवता जन्मे, विद्वान् महापुरुष जन्मे, कोई हिन्दू राजा शाशक कभी इराक ईरान सीरिया सऊदी मिस्र नही गया राज़ करने युद्ध लड़ने अपनी धौस जमाने जैसे की यहाँ भारत में बाबर, हुमांयू, अकबर, ओरंगजेब, गजनबी सहित हजारो मुगल शाशक आए! भारत भूमि का कण कण कहता है की ये राष्ट हिन्दुओ का था और मुस्लिम बाहरी थे फिर भी हिन्दुओ ने मुस्लिमो को स्वीकार किया! हिन्दुओ के लाखो मन्दिर प्राचीनकाल में मुगलो ने तोड़े उनमे से एक राम मन्दिर भी था जिसको बाबर ने मस्जिद का रूप दिया! सीरिया पाक इराक ईरान तालिबान में हजारो मस्जिद बम से उड़ा दी जेहादियो आतंकियों ने उनके लिए कभी रोए नही और यहाँ राम मन्दिर की जंगह, एक मस्जिद के लिए लड़े मरे जा रहे हो!
रूमाना सिद्दीक़ी