ADD

Tuesday, August 1, 2017

संसद में मोब्लिंचिग के मुद्दे पे बीजपी पे बरसे AIMIM के राष्ट्रीय अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी- update by_ शाहिद अकबर

Aimim के राष्ट्रीय अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी ने मोब्लिंचिग के मुद्दे पे बीजपी को लिया आरे हाथ ।
 असदुद्दीन ओवैसी ने कहा जब तक बीजपी में सत्ता में है मोब्लिंचिग नही रुकेगा ।
प्लानिंग के साथ मुस्लिम और दलितों को बनाया जा रहा है निशाना

Tuesday, July 11, 2017

#NOt_iN_MY_namE देश के मुसलमान तथाकथित गौ रक्षाक और भीड़ तंत्र खिलाफ सड़को पे ।


काल 10/072017 को शहर सुरत में गौ रक्षा के नाम पे मुसलमानो का कत्ल करने वाले तथाकथित गौ रक्षाको के विरुद्ध सुरत इंसाफ फाउंडेशन ने सूरत शहर कलेक्टर को  आवेदन पत्र दिया ।

 इंसाफ फाउंडेशन के प्रमुख मौलाना फ़ैयाज़ अहमद लतुरी ने सूरत शहर कलेक्टर के सामने अपनी बात रखते हुवे कहा कि देश मे जिस तरह गौ रक्षा के नाम पे मुसलमान और दलितों पे  मजलूम हो रहा है । ऐसे तथाकथित गौ रक्षाको पे जल्द से जल्द कानूनी कार्यवाही हो और मुसलमान और दलितों के साथ इंसाफ हो ।

इंसाफ फाउंडेशन के प्रमुख मौलाना फ़ैयाज़ अहमद लतुरी ने मीडिया से बात चीत में ये भी कहा कि हम चाहते है की देश के प्रधनमंत्री नरेंद्र मोदी गया को राष्ट्रीय पशु घोसित कर दे ताकि  गौ रक्षा के नाम पे ये सब जो मामला चल रहा  खत्म हो जाए ।

साथ ही साथ इंसाफ फाउंडेशन के प्रमुख मौलाना फ़ैयाज़ लतुरी ने ये भी कहा की गौ रक्षाको पे पाबंदी लागय जाए ।

देश मे जिस तरह गौ रक्षा के नाम पे गौ रक्षाक कोनून हाथ मे ले के कानून व्यवस्था की धज्जियां उड़ा रहे है। ये देश ले लिए बहुत शर्म की बात है।

वही अहमदाबाद के सड़को भी है सैकड़ो नागरिक  अहमदाबाद के नेहरू नगर में देश में चल रहे भीड़ तन्त्र का विरोध किया जिसका आयोजन गुजरात जन आन्दोलन ने किया
इस मौके पर विरोध करने आधिकतर हिन्दू थे पूर्व मुख्यमंत्री सुरेश मेहता  और पूर्व आईपीएस राहुल शर्मा और अहमदाबाद जामियाते उलेमा के प्रमुख  #NOT_IN_MY_NAME की तख्ती के साथ प्रदर्शन कार्यों के साथ सड़क पर दिखे

अब देखना ये ही कि किया मोदी सरकार भीड़ तंत्र और तथाकथित गौ रक्षाको के खिलाफ किया कदम उठाती है।

Sunday, June 25, 2017

जब ईद होगी तो किया पहनेंगे हम। चाँद से कहो अभी हम त्यार नही। MiM news गुजरात_ शाहिद अकबर


एक माशूम, यतीम,बेसहारा, बच्चों की दुआ
एक नज़र मोहब्बत की

जब ईद होगी तो किया पहनेंगे हम
चाँद से कहो अभी हम तैयार नही

MIM NEWS 
Update by_ शाहिद अकबर
8401690430, 9327411234

ईद के शॉपिंग में मशगूल बेपरवाह मुसलमान,
 किया कभी हम ने हमारे आसपास के उन
गरीब , बेसहारा ,यतीम बच्चों पे पूरे रमज़ान
में भी कभी मोहब्बत की निगाह से देखा।

हम ने पूरी रमज़ान इबादत तो की लेकिन वो
 हक़ से वो नेकी से हम महरूम रह गए ।
जो हमारे नबी रात के अंधेरे में चुप चाप मदीने
की गलियों में घूम के उनका हालचाल जानने
निकलते थे और उनका हक उनतक पहुँचा ते थे।

वक़्त रहते अभी भी आप उन
 माशूम , यतीम, बेसहारा बच्चों को अपने साथ
ईद खुसी में शामिल करे जो आज भी एक उम्मीद लगाए बैठे है।

कोई तो आएगा जो हमें भी अपनी खुशियो में शामिल करेगा।

अल्लाह आपको और हम को इस पे अमल करें कि तौफिक अता करे।

MiM news   गुजरात
शाहिद अकबर

Tuesday, June 6, 2017

मुख्यमंत्री है या सड़कछाप गुंडा | हड़ताली किसानों पर सुरक्षाबलों ने गोली चलाई

 
धिक्कार है ऐसे देश द्रोही बीजेपी सरकार पे ।
आज पूरे देश में किसानों पर अत्त्याचार हो रहा है और उन्हें पकड़कर गोली मार कर हत्या कर दिया जा रहा है ।
किसानों की हड़ताल पर एक पत्रकार द्वारा सवाल पूछने पर शवराज सिंह चौहान भड़क गए और पत्रकार बंधु को थप्पड़ जड़ने लगे..



मुख्यमंत्री है या सड़कछाप गुंडा
छत्तीसगढ़ महासमुन्द से लेकर मध्यप्रदेश के मंदसौर में हड़ताली किसानों पर सुरक्षाबलों ने गोली चलाई जिसमें दो किसानों की मौत और कुछ घायल....

👇👇👇👇

Saturday, June 3, 2017

बिजनोर :बलात्कार पीड़ित मुस्लिम महिला को इंसाफ न मिलने पे मुस्लिम समाज के लोग उतरे सड़को पे

Update-by: शाहिद अकबर
बिजनोर : चलती ट्रेन में GRP के एक सिपाही द्वारा मुस्लिम महिला के साथ  बलात्कार का मामले में फिर से एक नई बात सामने आई है ।

आज फिर बलात्कार पीड़ित मुस्लिम महिला थाने पहुँच हंगामा खड़ा किया और बलात्कार पीड़ित महिला ने प्रशासन पे इस मामले को 5 लाख लेके  रफादफा करने का आरोप लगाया और इंसाफ की गुहार लगाई ।

 इस बात को देखते मुस्किम समाज मे काफी आक्रोश

 बलात्कार पीड़ित मुस्लिम महिला  को इंसाफ न मिलने की वजह से मुस्लिम समाज के लोग सड़कों पे उतर किया प्रदर्शन

 मुस्लिम महिला के बलात्कार के आरोपी कमल शुक्ला की फांसी की मांग भी की।

Wednesday, May 31, 2017

रोजेदार मुस्लिम महिला के बलात्कार का आरोपी को VIP सुविधा । Update_शाहिद अकबर

आज काल  देश मे मुस्लिम महिलाओं को ले कर मोदी हो या योगी हो, न्यूज़ चैनल हो या नुक्कड़ हो , राजनीतिक पार्टी हो अचानक सब ही को मुस्लिम महिला के हक़ की बात याद आ  गयी और मुस्लिम महिला को इंसाफ मीले इस मुद्दे को लेके देश की सबसे बड़ी न्यायपालिका तक चले गए , लेकिन ये सब बस अपनी राजनीति रोटी सेकने तक ही रह गयी ।


अचानक मुस्लिम महिला को लेके देश की मौजूदा सरकार मुस्लिम महिला को लेके बहुत फिक्रमंद भी हो गयी । देश के बाहर रह रही मुस्लिम  महिला को इंसाफ दिलाने के लिए देश की मौजूद सरकार काम कर रही है। लेकिन देश मे रह रही महिला इंसाफ के लिए दर बदर भटक रही है।

ऐसा ही एक मामला बिजनोर का सामने आया है। चलती ट्रेन में एक मुस्लिम महिला से जो कि रोजे से थी उसके साथ G R P F का कमल शुक्ल ने रेप किया ।

हद तो तब हो गयी जब आरोपी  कमल शुक्ल को गिरफ्तारी के बाद प्रशासन  VIP सुविधा दे रही है । बलात्कार के आरोपी कमल शुक्ला के चहरे ओर हाव भाव से ऐसा लगता है जैसे बलात्कार के आरोपी कमल शुक्ला को आपने किये पे कोई पछतावा नही । या फिर कोई राजनीतिक सपोर्ट की वजह से ये बेखोफ है ।

Saturday, May 13, 2017

इस्लाम मे औरतों को किया मुकाम दिया । मौलाना सज्जाद नोमानी

Update by_शाहिद अकबर

तहफ़ूज़ ए शरीअत कॉन्फ्रेन्स में मौलाना सज्जाद नोमानी ने
मुस्लिम औरतो को बताया इस्लाम मे औरतो का किया मुकाम
है । और साथ ही। कच हिदायत भी 

मर्दो कर मुकाबले औरते भी कम नही। डॉक्टर नोव्हीरा के काम को हमारा सलाम


Update by _ shahid akbar

आम तौर पे देखा गया है औरत मर्दो के मुकाबले में काम है
लेकिन औरतो ने आप जज़्बे से मर्दो के मुकाबले में एक साथ
कदम से कम मिला के चल के दिखाया है 
उन्ही औरतो में से एक ऐसी सख्सियत है
डॉक्टर नोव्हीरा शेख जिन्होंने अपनी मेहनत और लग से वो
काम कर दिखाया है जो काफी तारीफ के काबिल है अपनी
एक अलग पहचान और एक अलग रुतबा बनाया है


डॉक्टर नोव्हीरा शेख के इस काम को देश में ही नही बल्कि विदेशों
में इसकी एक अलग पहचान बनाई है

डॉक्टर नोव्हीरा शेख को हमारा भी सलाम

Thursday, May 11, 2017

दो रोटी कम खाकर भी अपने बच्चों को अच्छी शिक्षा जरूर दें

फखरे आलम,घनश्यामपुर

दरभंगा: एक दिवसीय जलसे का  कार्यक्रम  किया गया जिसमें दूर दराज से आए मौलाना आलिमो ने दीनी बातो से लोगों को अवगत कराया।घनश्यामपुर प्रखंड के अंतर्गत ग्राम पंचायत पाली व पोहद्दी बेला में एक एक दिवसीय इजलासे दस्तार बंदी व इस्लाहे मुआशरे  का कार्यक्रम किया गया।

जिसमें कुल 73 छात्रों ने कुरान मजीद अपने दिल में बसाया और हाफ़िज़ की पढ़ाई पूरी की सभी हाफिजों को दस्तार बाँधा गया।जलसे से में आए हजारो की संख्या में लोगों को ये बताया गया कि इस्लाम धर्म एकता का पैगाम देता है।इस्लाम धर्म नहीं कहता कि तुम आपसी रंजिश रखो।

व अपने बच्चों को दुनियां की शिक्षा के साथ साथ दीनी शिक्षा देना भी बहुत जरुरी है।आज हमारे 73 बच्चों ने हिफ़्ज़ मुकम्मल किया है।ये कोई छोटी बात नहीं है।

आज के दौर में सब अपने बच्चों को डॉक्टर इंजिनियर वगेरा बनाना चाहते हैं।लेकिन हाफ़िज़ बना नहीं चाहता वही 73 बच्चों ने कुरआन हिफ़्ज़ किया है।पाली में जलसे की अध्यक्षता मौलाना आफ़ताब आलम कासमी नदवी द्वारा काफी बेहतर ढंग से की गई।

वही प्रखण्ड के ग्राम पंचायत गानौन के मदरसा समीनुल उलूम शाहपुर में सालाना एख्ततामी इजलास यानि वार्षिक प्रतियोगिता का आयोजन किया गया।जिसमें मदरसे के तालबा यानि छात्र छात्राओं ने कुरआन मजीद व नाते पाक पढ़ अपने शिक्षा का प्रदर्शन किया मदरसे के H M मौलाना आफताब आलम कासमी नदवी व कार्यक्रम देखने आये मेहमानों द्वारा बच्चों को पुरुस्कार से सम्मानित किया गया।

मुसलमान हे हमे पढने के बाद नौकरी कौन देगा ?

मुसलमान हे हमे पढने के बाद नौकरी कौन देगा ?


मुज्ज़फ्फर् नगर : दोस्तों तालीम एक ऐसी चीज है जो ना तो आप किसी से खरीद सकते है ना ही चुरा सकते हो तालीम एक ऐसी चीज है जो हर किसी के पास नही होती किसी के पास पैसो को लेकर तो किसी की मजबूरी लेकिन हमे अपनी मजबूरी के साथ साथ अपने बच्चो के भविष्य का भी ध्यान रखना चाहिए |

अगर आप के पास प्राईवेट स्कूल मे पढाने के लिए पैसे नही है तो अपने बच्चो को सरकारी स्कूल मे भेजो | मुस्लिम समाज के अन्दर अगर 50% बच्चे स्कूल मे पढते वे 8 या 10 तक अच्छी तरह से पढते हे बाद मे 25%बच्चे सोचते हे की हम मुसलमान हे हमे नौकरी कौन देगा ओर 25% बच्चो के मा बाप पैसे कमाने के लिए कहते हैं|

और  पैसे कमाने के लिए छोड देते है एग्ज़ाम के वक्त अगर पेपर 50 नम्बर का हे तो उसे आप अच्छे से कर के आए मे तो ऐसा कहूगा की 50 नम्बर के बजाय 60 नम्बर का पेपर कर के लौटे अगर आपकी तरफ से कोई कमी नही हे तो सामने वाला खुद झुक जाएगा |

आपको काम देना ही होगा इस गलत फहमी मे मत रहीए नौकरी नही मिलेगी मे भी आपकी तरह ये गलत सोच अपने मन मे रखता था लेकिन मे गलत था अब मेने भी फिर से पढाई शुरू कर दी ओर दोस्तो हमे कोशिश नही  ठानना है फिर देखो सच्ची लगन से आपकी मेहनत जरूर रंग लाएगी

इसलिए ही तो मे कहता हू हमने ठाना है मन्दिर मे गीता हो चाहे मस्जिद मे हो कुरान सब के अन्दर लिखा है बस एक ही नाम राम बोलो चाहे बोलो अल्लाह | यहा कोई किसी का नही है मेरे भाई वोही भरता है सबका पल्ला

किसी को अज़ान से परेशानी हे तो किसी को हिन्दुस्तान मे रहने वालों से

जिशान आलम  नगला राई मुजफ्फरनगर 

दोस्तों मे एक हिन्दुस्तानी होने के नाते मेरी सामाजिक जिम्मेदारी कि एक कोशिश हे | मे अपने हिन्दुस्तानी भाईयो को यकीन दिलाना चाहता हू के किसी भी इंसान को बदनाम करना या किसी के दिलो को ठेस पहुंचाना मेरा इरादा नही हे और ना रहेगा |

एकता ही एक ऐसी चीज हे जिसमे सबसे बड़ी ताकत हे इस देश की ताकत हे भारत के चार सिपाही हिन्दू  मुस्लिम सिख इसाई  इनमे से  एक भी  अगर अलग हो गया तो हमारा देश कमजोर हो जाएगा आपने  एक कहानी तो स्कूल मे पढी होगी |एक बूढे आदमी के चार बेटे थे  वे आपस मे लडते झगडते रहते थे एक दिन उस बूढ़े ने अपने चारो बेटो को अपने पास  बुलाया और  उन्हे  एक लकड़ी का बड़ा सा गट्ठर देकर तोड़ने को कहा बेटो  ने एक-एक कर तोड़ने की कोशिश की पर वे नाकाम रहे फिर उस बूढ़े आदमी ने अपने बेटो को गट्ठर खोलकर लकड़ी तोड़ने को कहा उन्होंने बारी बारी से लकड़ी तोड़ दी |

advertise-here300x300

advertise size JPG 300×300 pixel

इस समय ये ही हाल हमारे देश का हे अगर हम अलग अलग रहेगे  तो हमे कोई भी तोड़ सकता हे ओर हम साथ मिलकर रहेगे तो हमारा कोई कुछ नही बिगाड़ सकता | किसी को अजान से परेशानी हे तो किसी को हिन्दुस्तान मे रहने वालों  से परेशानी हे मे  एक बात कहता हू के जिस दिन  गंगा जमुनी तहज़ीब वापस आ गई उस दिन रूप बदल जाएगा अपने हिन्दुस्तान का |

आज हमारे समाज के सामने कई ऐसी चीज हैं जिन से लड़ने के बजाय हम  उन पर पर्दा  डालने की कोशिश करते हे इससे गुनाह करने वालो के होसले  बुलंद हो जाते हैं ! एक काफ़ी मशहूर शेर अर्ज़ है
लोग टूट जाते हे एक घर बनाने मे तुम को तो शर्म नही  आती बस्तीया मिटाने मे  

Tuesday, April 25, 2017

जानिए क्या है पत्रकारिता की आचार संहिता और मर्यादा

Raju lari Edit by Asif khan 

Shahid Akbar 

पत्रकारिता को लोकतंत्र का चौथा स्तंभ कहा जाता है। पत्रकारिता एक जिम्मेदारी भरा काम है, अत: हर पत्रकार को खबर, समाज और देश को लेकर चौकन्ना रहना चाहिए। एक छोटी सी गलती पत्रकार और पत्रकारिता संस्थान पर भारी पड़ सकती है।

पत्रकारिता की भी एक लक्ष्मण रेखा होती है जिसे हम पत्रकारिता की आचार संहिता भी कह सकते हैं। उदाहरण के लिए टीवी पर या अखबार में रेप पीड़िता का नाम, फोटो या उससे संबंधी किसी भी जानकारी को प्रकाशित या प्रसारित करना अपराध की श्रेणी में आता है,
इस मामले में पत्रकारिता संस्थान और पत्रकार पर कार्रवाई भी हो चुकी है। अत: हर पत्रकार को अपनी सीमा का ध्यान रखना चाहिए।

पत्रकारिता की आचार संहिता का रखें ध्यान

1. पत्रकार को किसी भी विचारधारा से प्रभावित होकर खबर का प्रकाशन या प्रसारण नहीं करना चाहिए। पत्रकार को हर समय न्यायनिष्ट और निष्पक्ष रहना चाहिए।

2. हमारे देश में जाति और धर्म के नाम पर हमेशा विवाद होता रहता है, कई बार तो दंगे की नौबत भी आ जाती है। अत: एक पत्रकार को खबर का प्रकाशन और प्रसारण करते समय विशेष सावधानी और निष्पक्षता बरतनी चाहिए। किसी भी प्रकार से जाति या धर्म को लेकर टिका-टिप्पणी नहीं करना चाहिए।

3. खबर की मूल आत्मा के साथ खिलवाड़ नहीं करना चाहिए। खबर जो है ठीक वैसे ही पेश करना चाहिए। समाचारों में तथ्यों को तोडा मरोड़ा न जाये न कोई सूचना छिपायी जाये।

4. व्यावसायिक गोपनीयता का निष्ठा से अनुपालन का ध्यान रखना चाहिए।

5. पत्रकारिता एक मिशन है अत: इसका इस्तेमाल व्यक्तिगत हित साधने के लिए नहीं किया जाना चाहिए। प्राय: कई एेसे पत्रकार और पत्रकारिता संस्थान पत्रकारिता को ढाल बनाकर उसके आड़ में गलत धंधा करते हैं। खुद को पत्रकार बताकर नियम-कानून की अवहेलना करना या मनमानी करना भी अपराध की श्रेणी में आता है।

6. पत्रकार अपने पद और पहुंच का उपयोग गैर पत्रकारीय कार्यों के लिए न करें। उदाहरण के लिए- प्राय: ऐसा देखा जाता है कि कई बार ट्रैफिक नियम का पालन ना करने पर जब पत्रकार को दंडित किया जाता है तो वह खुद को प्रेस से बताकर अपने पद का दुरुपयोग करता है।

7. पत्रकारिता पर कई बार पेड न्यूज जैसे दाग लग चुके हैं। अत: पत्रकारिता की मर्यादा का ध्यान रखते हुए एक पत्रकार को रिश्वत लेकर समाचार छापना या न छापना अवांछनीय, अमर्यादित और अनैतिक है।

8. हर व्यक्ति की इज्जत उसकी निजी संपत्ति होती है। जिस पर सिर्फ उसी व्यक्ति का अधिकार होता है किसी के व्यक्तिगत जीवन के बारे में अफवाह फैलाने के लिए पत्रकारिता का उपयोग नहीं किया जाये। यह पत्रकारिता की मर्यादा के खिलाफ है। अगर ऐसा समाचार छापने के लिए जनदबाव हो तो भी पत्रकार पर्याप्त संतुलित रहे।

कुछ साल पहले राष्ट्रपति एपीजे अव्दुल कलाम के हस्ताक्षर से एडीटर्स गिल्ड आफ इंडिया  ने एक पत्रकार व्यवहार संहिता भी जारी की थी। इसमें भी काफी मनन के बाद कई बिंदुओं को शामिल किया गया था। कुछ प्रमुख बातें इस प्रकार हैं-

1. पर्याप्त समय सीमा के तहत पीड़ित पक्ष को अपना जवाब देने या खंडन करने का मौका दें।

2. किसी व्यक्ति के निजी मामले को अनावश्यक प्रचार देने से बचें।

3. किसी खबर में लोगों की दिलचस्पी बढ़ाने के लिए उसमें अतिश्योक्ती से बचें।

4. निजी दुख वाले दृश्यों से संबंधित खबरों को मानवीय हित के नाम पर आंख मूंद कर न परोसा जाये।मानवाधिकार और निजी भावनाओं की गोपनीयता का भी उतना ही महत्व है।

5. धार्मिक विवादों पर लिखते समय सभी संप्रदायों और समुदायों को समान आदर दिया जाना चाहिए।

6. अपराध मामलो में विशेषकर सेक्स और बच्चों से संबंधित मामले में यह देखना जरूरी है कि कहीं रिपोर्ट ही अपने आप में सजा न बन जाये और किसी जीवन को अनावश्यक बर्बाद न कर दे।

7. चोरी छिपे सुनकर (और फोटो लेकर) किसी यंत्र का सहारा लेकर ,किसी के निजी टेलीफोन पर बातचीत को पकड़ कर ,अपनी पहचान छिपा कर या चालबाजी से सूचनाएं प्राप्त नहीं की जायें। सिर्फ जनहित के मामले में ही जब ऐसा करना उचित है और सूचना प्राप्त करने का कोई और विकल्प न बचा हो तो ऐसा किया जाये।

कुछ ऐसी बातें हैं जिससे पत्रकार को फिल्ड में या डेस्क पर काम करते वक्त हमेशा दो-चार होना पड़ता है, इसलिए उपरोक्त सभी बातों को ध्यान में रखने के साथ साथ एक पत्रकार को इस बात का विशेष ध्यान रखना चाहिए,

1. खबर, विजुअल या ग्राफिक्स में रेप पीड़िता का नाम, फोटो या किसी तरह का कोई पहचान ना हो। फोटो को ब्लर करवाकर इस्तेमाल किया जा सकता है।

2. न्यायालय को इस देश में सर्वश्रेष्ठ माना गया है इसलिए न्यायालय की अवहेलना नहीं होनी चाहिए।

3. देश हित एक पत्रकार की प्राथमिकता होती है अत: पत्रकार को देश के रक्षा और विदेश नीति के मामले में कवरेज करते वक्त देश की मर्यादा का हमेशा ध्यान रखना चाहिए।

4. न्यायालय जब तक किसी का अपराध ना सिद्ध कर दे उसे अपराधी नहीं कहना चाहिए इसलिए खबर में उसके लिए आरोपी शब्द का इस्तेमाल करें।

5. अगर कोई नाबालिग अपराध करता है तो उस आरोपी का विजुअल ब्लर करके ही चलाना चाहिए !

Saturday, April 22, 2017

फर्जी प्रेस या पुलिस लिखने वाले जाएंगे 7 साल के लिए जेल

 

by: raju lari  

इलाहाबाद:इलाहाबाद हाईकोर्ट द्वारा वाहनों पर फर्जी तरीके से प्रेस या पुलिस लिखकर धौंस जमाने वालों की अब खैर नहीं। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने इस मामले में निर्देश जारी कर दिए हैं ।

इसके तहत अब यदि कोई व्यक्ति फर्जी तरीके से अपने वाहन पर प्रेस या पुलिस लिखवाएगा, तो उसके खिलाफ 420 धारा के तहत कार्रवाई होगी। कोर्ट के निर्णय के बाद फर्जी पत्रकारों में हडकम्प मचा हुआ है।

ख़ास तौर पर प्रेस लिखवाने वाले व्यक्ति से पत्रकारिता से सम्बंधित चीज़े भी पूछी जा सकती है व् पैसे देकर प्रेस कार्ड बनाने वाले व्यक्ति को एवं बनवाने वाले व्यक्ति को भारी जुर्माने के साथ साथ 7 वर्ष की कैद भी हो सकती है साथ ही सम्बंधित वहन सीज़ कर दिया जायेगा।

भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 420 के तहत किसी को व्यक्ति को कपट पूर्वक या बेईमानी से उत्प्रेरित कर आर्थिक, शारीरिक, मानसिक, संपत्ति या ख्याति संबंधी क्षति पहुंचाना शामिल है। यह एक दंडनीय अपराध है। इसके तहत सात साल तक के कारावास की सजा का प्रावधान है।

Monday, April 17, 2017

शरीयत की हिमायत में लिए जयपुर के ईदगाह मे पहुची 20 हज़ार महिलाये ईदगाह में हुआ मुस्लिम महिलाओं का इजलास ए आम

अब्दुल अव्वल चौधरी- रिपार्ट

अपने जिंदा होने का सबूत दो और पोस्ट को ज्यादा से ज्यादा शेयर करो
क्योंकि भाजपा की रखेल मीडिया इस जन सैलाब को कभी नहीं दिखाएगी``````````````
```````
```````
शरीयत की हिमायत में लिए जयपुर के ईदगाह मे पहुची 20 हज़ार महिलाये
ईदगाह में हुआ मुस्लिम महिलाओं का इजलास ए आम आज
शरियत और ट्रिपल तलाक के समर्थन मेंजयपुर की ईदगाहआमतौर पर ईद की नमाज़ के वक्त जो ईदगाह पुरुषों से
भरी नज़र आती है,
आज उसमे महिलाओं का हुजूम नज़र आया।
राजधानी के इस इजलास में मुस्लिम महिलाओं के अधिकार व चुनौतियां’ पर सेमिनार का आयोजन हुआ ,
इस्लामी शरियत और भारतीय संविधान की जानकारों ने महिलाओ को उनके अधिकारों,
समस्याओं और चुनोतियों से निपटने की जानकारी दी।
और मुस्लिम महिला वक्ताओं ने महिलाओ के सामने देशभर में तलाक के आंकड़े रखे और बताया कि आज देश मे सबसे कम तलाक के मामले मुस्लिम समाज मे हैं,
जबकि माहौल ऐसा बनाया जा रहा है जैसे सबसे ज़्यादा तलाक ही मुसलमानो में हो रहे हों।
उन्होंने कहा कि ये एक साजिश है ताकि मुसलमानो को बदनाम किया जा सके और
महिलाओं के अधिकारों के नाम पर मुसलमानो मुस्लिम महिलाएं खुलकर शरीयत के समर्थन में आगे आयी है,
यही वजह है कि शरीयत पर सवाल खड़ा करने वाली अनभिज्ञ महिलाओं की तादाद पांच-दस से ज़्यादा नही होती थी
और आज की ईदगाह मे जयपुर में शरीयत की हिमायत के लिए 20 हज़ार से ज़्यादा महिलाये पहुची हैं।
इजलास में इस्लाम, पवित्र कुरआन और हदीसो की रोशनी में जानकारी दी गयी।
साथ ही इस्लाम में निकाह और तलाक के तरीकों पर बात हुई, साथ ही कुरान व संविधान में महिलाओं के हक
पर भी बात इस्लाम व शरियत पर गलतफहमियों को दूर करने पर चर्चा की।
शेयर करो

Friday, April 14, 2017

कड़वा सच |कब आँखे खोलोगे मुसलमानो ??

By Asif khan 

सूचना :डिस्क्लेमर ये लेखक के अपने निजी विचार हैं ! ज़रूरी नहीं के minorities news इनसे सहमत हों ! लेकिन आलोचना प्रकाशित करना ज़रूरी होता है !

रूमाना सिद्दीक़ी जी लिखती हैं की ,कब आँखे खोलोगे मुसलमानो ??
1. आप 1400 से ज्यादा सालोँ से अपने हक के लिए लड़े जा रहे है, अल्लाह जाने कौन सा हक़ है जो पूरी दुनियाँ आपको 1400 सालों से नही दे पा रही…

2. आप सिर्फ लड़ने के लिए ही पैदा हुए, जहाँ गैर मुस्लिम है वहां आप उनसे लड़ रहे है, जहाँ गैर मुस्लिम नही है वहां आप आपस में ही लड़ रहे है…
3. आप लड़ना बन्द नही कर सकते इसलिए कम से कम लड़ाई के तरीके बदलिए ताकि आप की हार जीत में बदल सके… आप मेरे देखते देखते 2014 के बाद से भारत में लगातार राजनैतिक रूप से हार रहे है… आप के योगदान के बिना सरकारें बन रही, आपकी मर्जी के खिलाफ पीएम और सीएम बन रहे है… लोग आपको आपकी विचारधारा को नकार रहे हैं… अपने खिलाफ ये नकारात्मक माहौल आपका खुद का बनाया हुआ है…

4. सच्चर कमेटी की रिपोर्ट कहती है मुसलमानो की हालात सबसे खराब है देश में, लाखो मुस्लिम बेघर है, शिक्षा के आभाव में पंचर बना रहे, न आप बड़े उद्योगपति है, न देश में होटल आपके, न मॉल, न हॉस्पिटल आपके, न आपके बैंक एकाउंट न एकाउंट में पैसा लेकिन नोटबन्दी के खिलाफ आप इतने मुखर थे जैसे सबसे बड़ा घाटा आपका ही हुआ, जैसे आपके लाखो करोड़ो के नोट बर्बाद हो गए, जैसे बेरोजगार सिर्फ मुस्लिम ही हुए हो…

5. आप खुद ही कहते रहे की बूचड़खाने भाजपा के हिन्दू नेताओ और जैनियों के है, सिर्फ 14% मांस मुस्लिम खाते है बाकी का हिन्दू खाते है… और अवैध बूचड़खानों पर सबसे ज्यादा कपड़े आप ही फाड़ रहे… तो आप खुद ही अपने झूठ का पर्दाफाश कर के अपने खिलाफ नकरात्मक माहौल बनाते है फिर इलज़ाम दूसरों पर क्यों लगाते है… बूचड़खानों पर या तो आप कल झूठ बोल रहे थे या आज झूठ बोल रहे है…

6. एंटीरोमियो स्क्वाड पर भी आपकी आपत्ति बेवज़ह है… आप अपनी बहू बेटियों को बुर्के में रखते है ताकि बुरी नज़र से बचाया जा सके, महिलाओं को अकेले बाहर जाने की इज़ाज़त नही इस्लाम में, आप पञ्च वक्त के नमाज़ी और ईमान वाले है, आपको भी नज़र के पर्दे का हुक्म है , चरित्रहीन महिला को संगसार करने की सज़ा है इस्लाम में , फिर एंटीरोमियो स्क्वाड का विरोध आप किस लॉजिक के आधार पर कर रहे…?

7. साल भर आप जय भीम जय मीम करते है, भीम भी आपके साथ ब्राह्मणों को गरियाता है और चुनाव के वक्त मीम को छोड़ के भगवा थाम लेता है। आपको ईवीएम टेम्परिंग का झुनझुना पकड़ा दिया जाता है और आप बजाते रह जाते हैं।”
8. देश का नाम भारत है, हिंदुस्तान है पहले आर्यव्रत, रीवा भी था मतलब संस्कृत और हिंदी नाम ही रहे, भारत में साधू संत देवी देवता जन्मे, विद्वान् महापुरुष जन्मे, कोई हिन्दू राजा शाशक कभी इराक ईरान सीरिया सऊदी मिस्र नही गया राज़ करने युद्ध लड़ने अपनी धौस जमाने जैसे की यहाँ भारत में बाबर, हुमांयू, अकबर, ओरंगजेब, गजनबी सहित हजारो मुगल शाशक आए! भारत भूमि का कण कण कहता है की ये राष्ट हिन्दुओ का था और मुस्लिम बाहरी थे फिर भी हिन्दुओ ने मुस्लिमो को स्वीकार किया! हिन्दुओ के लाखो मन्दिर प्राचीनकाल में मुगलो ने तोड़े उनमे से एक राम मन्दिर भी था जिसको बाबर ने मस्जिद का रूप दिया! सीरिया पाक इराक ईरान तालिबान में हजारो मस्जिद बम से उड़ा दी जेहादियो आतंकियों ने उनके लिए कभी रोए नही और यहाँ राम मन्दिर की जंगह, एक मस्जिद के लिए लड़े मरे जा रहे हो!
रूमाना सिद्दीक़ी 

Sunday, April 9, 2017

अलवर मुद्दे पर बीजेपी का एजेंट ओवैसी ही आवाज़ उठा रहा है

ज़ुल्म सहकर भी हकीकत से मुँह मोड़ना कोई भारतीये मुसलमान से सीखे
दादरी,बालूमाथ,मेवात,अरवल होने के बाद भी हम कुछ नही सीखते और ना ही इसका असल वजह तलाश करते है कोई घटना होने के बाद हमें सिर्फ इतना चाहत होता है पीड़ित के परिवार को कुछ सरकारी सहायता मिल जाएँ पर क्या हम सरकारी सहायता लेकर फिर एक घटना को दावत नही देते?


ये सबसे बड़ा कारण है कि हम जान का मुआबजा लेकर भूल जाते है और फिर कुछ दिन बाद गौ आतंकवादी दूसरे मनुष्य के शिकार में निकल जाते है
आप अगर गहराई से मंथन करेंगे तो पता चलेगा की जितनी भी सेक्युलर पार्टी है वो गौ आतंकवादी के मुद्दे पर कुछ बोलती ही नही !राजस्थान के अलवर में घटी घटना पर गौर करें तो समझ आयेगा !
d1
sponsored ads
की पहलु खान को सिर्फ इसलिए मारा गया क्योंकि वो मुसलमान ?
जबकि गाय को रमजान के वक़्त दूध निकलने के लिए ले जाया जा रहा
था पर्ची चलान सब होने के बाद पीट पीट कर पहलु खान को मार दिया गया
अब इस मुद्दे को लेकर मुख्यमंत्री वसुन्धरा राजे भी खामोश है क्योंकि मामला मुसलमान से जुड़ा है और वहाँ की 24+2 विधायक वाली कांग्रेस बसपा भी खामोश है कांग्रेस बसपा को बहुत अच्छे से पता है मुसलमान जायेगा कहाँ बीजेपी हराओ नाम पर मेरे पास ही आएगा



अब वहाँ के लोग भी दुविधा में है की हमने तो बीजेपी हराओ नाम पर वोट किया था अब किस मुँह से मुख्यमंत्री के पास जाएँ इन्साफ मांगने के लिए
दोनों तरफ से इस मामले में मुसलमान पिसता है पर समझने की कोशिश ही नही करता तुम जिस गुजरात दंगा के नाम पर बीजेपी को हराओ का नारा कांग्रेस के कहने पे लगाते हो वही कांग्रेस के राज में गुजरात से भी बडे 100 दगे हो चूके है
तुम क्यों बीजेपी के नज़र में दुश्मन नंबर 1 बनते हो तुम वोट किसी को दो पर ख़ामोशी से हंगामा कर के नही क्योंकि अगर तुम खामोश होकर वोट करोगे तो सरकार किसी की बने जाकर इन्साफ मांग सकते हो


कांग्रेस का दोहरा रवैया किसी से छुपा नही है और जबतक खुद को राजनितिक में मजबूत नही करोगे तब तक मार खाते रहोगे क्यों देश में वही होता है जो राजनितिक पार्टियां चाहती है


तुम तो इतने बुज़दिल हो की तुम्हे ज़ुल्म बयान करने वाला भी भड़काव और बीजेपी को फ़ायदा पहुँचाने वाला नज़र आता है
आज भी अलवर मुद्दे पर वही बीजेपी का एजेंट ओवैसी ही आवाज़ उठा रहा है आज़म खान अबु आज़मी नसीमुद्दीन सिद्दीकी गुलाम नबी आजाद सब खामोश है
क्या राजस्थान के कांग्रेस और बसपा के 26 विधायक रोड पर उतर कर इंसाफ नही दिला सकते ?
अगर नही दिला सकते तो लानत है उनपर जो लोग बीजेपी हराओ पर वोट करवाते है
जाकर हैदराबाद में 7 विधायक की ताकत देख लो समझ आजयेगा अपने और पराये का फर्क।

आपका भाई ज़ाहिद उमर अध्यझ, वार्ड 102S मजलिशे इत्तेहादुल् मुसलमीन दिल्ली प्रदेश्

आंगनवाड़ी सेविका व सहायकाओं की हड़ताल जारी

Update by :fakhre alam minorities news darbhanga
दरभंगा,07 मार्च : घनश्यामपुर प्रखण्ड अंतर्गत शुक्रवार को बाल विकास परियोजना के कार्यालय के सामने सभी सुनीता देवी के अध्यक्षता में सेविका सहायकाओं ने अपनी मांगों को लेकर शनिवार से अनिश्चित कालीन हड़ताल करने का निर्णय लिया ! साथ ही सोमवार को दरभंगा पोलो मैदान में एक दिवसीय धरना प्रदर्शन सह आंदोलन करने का भी निर्णय किया सभी का कहना है कि अगर हम लोगों से सरकारी कर्मचारी जैसा काम लिया जाता है तो हमें सरकारी कर्मचारी घोषित करें अन्यथा हम अपनी लड़ाई जारी रखेंगे

ओवैसी भाइयों के नाम एक खुले ख़त में ये क्या लिख दिया आज़मी ने

ये आदिल आज़मी के की निजी राय और सवाल हैं !
जनाब असदुद्दीन ओवैसि और अकबरुद्दीन ओवैसि साहब, आप पूरे मुल्क में अपने पैर जमाने के लिए हैदराबाद से निकलकर बाहर आ चुके हैं, आप का कहना है की आप मुल्क में दबे कुचलों की आवाज़ बन कर सबको इंसाफ़ दिलाना चाहते हैं, आप दलित मुस्लिम इत्तेहाद की बात करते हैं, आपका ख़्वाब है हिंदुस्तान के मुसलमानो का हक़ आईन के हिसाब से मुहैया कराना, मैंने आपकी टीवी डिबेट और तकरीरात का मुतालबा किया और बेशक आप जो बोलते हैं वो वज़नदार बातें बोलते हैं, अल्लाह ने आपको बोलने की सलाहियत से नवाज़ा है।
आप ने पिछले एक साल में तीन चुनाव लड़े, बिहार और उत्तरप्रदेश का असेम्ब्ली चुनाव और बिर्हान मुंबई के निगम चुनाव और अब आप दिल्ली में चुनाव लड़ने जा रहे हैं, हर जगह जिस तरह आपने चुनाव लड़ा वो आपके बोली गयी बातों से बिलकुल मेल नहीं खाता। मैं चार बुनयादी मुद्दों पर (जिन पर आप सबसे ज़्यादा ज़ोर देते हैं) आपके कहने और करने में फ़र्क़ आपके सामने पेश कर रहा हूँ:

1.*दलित मुस्लिम इत्तेहाद*

आपने बड़ी तकरीरत करी हैं इस मुद्दे पर, लेकिन आज तक आपके पास एक भी ज़िम्मेदार दलित चेहरा नहीं है, ये कहना ग़लत है की आपसे दलित जुड़ना नहीं चाहते, ख़ास कर के यूपी और दिल्ली को मैंने नज़दीक से देखा है, कई छोटे बड़े दलित चेहरे आपसे एक अदद मुलाक़ात को तरसते रह गए पर आपने उन्हें वक़्त देना मुनासिब नहीं समझा, दिल्ली में भगवान दास जाटव जैसे बड़े नाम आपके घर के चक्कर काट काट कर थक गए लेकिन आपके पास वक़्त ना हुआ, बामसेफ का एक बहुत बड़ा तबक़ा आपसे यूपी में जुड़ना चाहता था पर आपने उन्हें सुन्ना भी ज़रूरी नहीं समझा। आजतक एक भी बड़ा प्रोग्राम आपने दलितों को जोड़ने के लिए नहीं किया, कभी भी आपने अपनी तरफ़ से कोई मज़बूत पहल नहीं की, यूपी में ख़बर थी की आप मायावती से जुड़ना चाहते थे, पर ये फ़ैसला सियासी ज़्यादा और बुनयादी कम था।

2.*सियासी ख़ुदमुख़्तारी*:

आप पूरे हिंदुस्तान में मुसलमानो की सियासी ख़ुदमुख़्तारी की बात करते हैं, पर आप जिस तरह से टिकट बाँटते हैं उससे सियासी ख़ुदमुख़्तारी तो दूर की बात है। आपने आजतक ये भी बताना मुनासिब नहीं समझा की आप किसी को टिकट किस बिनाह पर देते हैं, मैं ओपन चैलंज करता हूँ की अगर आपका कैंडिडेट सिलेक्शन प्रॉसेस कहीं लिखित में हैं तो वो सामने लाए। मुंबई, यूपी और अब दिल्ली से साफ़ है की आपको हैदराबाद के ग़ुलाम चाइए ना की वो जो सियासी ख़ुदमुख़्तारी के क़ाबिल हों।

3. *लोकतांत्रिक व्यवस्था*

TV डिबेट में आप समविधान और लोकतंत्र का हवाला देते थकते नहीं हैं, पर माफ़ कीजिएगा आपके संगठन में लोकतंत्र दूर दूर तक नहीं है, हर जगह आपके लोग हैदराबाद लिंक से चलते हैं और संगठन की हालत ये है की हर कोई अपने आपको ख़लीफ़ा समझता है क्यूँकि उसके हैदराबाद में ऊपर लेवल पर बात है। पिछले दिनो हैदराबाद से दो क़ाबिल लोग दिल्ली में तशरीफ़ फ़रमा थे, उन्मे से एक से मैंने लोकतंत्र के मूलभूत सिद्धांत, “डीसेंट्रलाईजेशन आफ पॉवर्ज़” के बारे में पूछा और ये जान्ना चाहा कि AIMIM में इसकी क्या नज़्म है, उनका जवाब सुनकर मुझे बेहद हँसी आई, उनके मुताबिक़ सूबाई सदर बनाना डीसेंट्रलाईजेशन आफ पॉवर्ज़ कहलाता है। दिल्ली में एक मज़बूत संगठन होने के बावजूद भी उसे दरकीनार किया जाना कुछ अजीब सा लगता है।

4.*चुनावी रणनीति*

आप जहाँ भी चुनाव लड़ते हैं वहाँ आजतक आपने अपना कोई भी मैनिफ़ेस्टो रिलीज़ नहीं किया, आप की तकरीरात में शिकायतें ज़्यादा और मसाएल का हल कम होता है, आप वोट माँगते वक़्त मुस्लिम क़यादत पर ज़ोर देते हैं पर वो आएगी कैसे ये आप कभी नहीं बताते, मुस्लिम तालीम से लेकर रोज़गार तक आपका क्या रोड्मैप है, किसी को पता नहीं, ज़्यादा पूछे जाने पर आप दारुस्सलाम का हवाला देते हैं, पर बाक़ी जगह आप इसको कैसे रेपलिकेट करेंगे उसकी नज़्म का कही अता पता नहीं होता। दारुस्सलाम को खड़ा करने में आपसे ज़्यादा आपके दादा और आपके अब्बा का योगदान है, आप दोनो भाइयों ने दारुस्सलाम के अलावा आज तक क्या किया ये देखना अभी बाक़ी है। आप मुस्लिम जज़्बात के नाम पर वोट माँग कर मुसलमानो के हालात को और ख़राब कर रहे है।
आख़िर में इतना ही कहना चाहूँगा की अगर आपके पास सेकूलर पार्टियों को कोसने के अलावा मुसलमानो के मुआश्री हालात सुधारने का कोई प्रैक्टिकल ब्लूप्रिंट है तो वो सबके सामने ज़रूर लाए, सिर्फ़ तकरीरो और डिबेट से आप अपने आपको चमका रहे है और पूरी क़ौम को अंधेरे में धकेल रहे हैं।
आदिल आज़मी

Wednesday, April 5, 2017

आगाज़ कर दिया है अंजाम ओवैसी साहब के हाथ में | آغاز کر دیا ہے انجام اویسی صاحب کے ہاتھ میں


आगाज़ कर दिया है अंजाम ओवैसी साहब के हाथ में
آغاز کر دیا ہے انجام اویسی صاحب کے ہاتھ میں

हिन्दू ज्योतिष भाई ने कही पैगम्बर मोहम्मद साहब के बारे में ऐसी बात जो हर धर्म के लिए ज़रूरी है !

01/04/2017 को प्रकाशित
साभार वन इण्डिया राजस्थान चेनल
मोहम्मद पैगम्बर साहब का बताया हुआ रास्ता ही सही है : हिन्दू ज्योतिष देखे और शेयर करें
हाल ही में एक टीवी प्रोग्राम में एक हिन्दू ज्योतिष आचार्य ने मुहम्मद पैगम्बर साहब द्वारा बताये गए रस्ते को सही ठहराया, उन्होंने बताया की मुहम्मद साहब द्वारा बताया गया रास्ता किसी ख़ास देश और धर्म के लिए नहीं बल्कि पूरी दुनिया में मौजूद हर धर्म और सम्प्रदाय के लिए है

उत्तर प्रदेश में गाय इनकी मम्मी है ! असदुद्दीन ओवेसी

उत्तर प्रदेश में गाय इनकी मम्मी है ! असदुद्दीन ओवेसी 01/04/2017 को प्रकाशित

ओखला में रची गई AIMIM पार्टी को बद्नाम करने की शाजिश

क्या असदुद्दीन ओवैसी को कार्यवाही करनी चाहिए ?
नोटिस: ख़बर का खंडन ! जो की एक वेबसाइट जिसका नाम और लिंक नीचे है
http://www.in24live.com/hindi/archives/4956 के मुताबिक ये खबर चलाई जा रही है ।जिसमे कहा जा रहा है के मीम न्यूज़ से बात करते हुए ।
advertise-here300x300
आप को हमारी टीम ये पूरी ज़िम्मेदारी के साथ बता रही है की मीम न्यूज़ ने ऐसा कोई इंटरविव नहीं किया है । और ना ही किसी AIMIM के नुमाएंदे से बात की है ।ये खबर मीम न्यूज़ और AIMIM पार्टी को बदनाम करने की शाजिश के तहत तैयार की गई है । लेकिन इसकी सच्चाई क्या है इसके बारे में मीम न्यूज़ कुछ नहीं कह सकता ।ये जाँच का विषय है । लेकिन हमारी टीम पिछले 24 घंटे से इस वेबसाइट के संचालकों से बात करने की कोशिश कर रहे हैं लेकिन उनकी तरफ से कोई जवाब नहीं मिल रहा ! हमारी टीम ने वेबसाइट के CONTACT US में भी इन से बात करने की कोशिश की लेकिन सफलता नहीं मिली ! आप सभी से गुज़ारिश है की एसी बातों पर ध्यान ना दें !

Tuesday, April 4, 2017

मीट बेचने वालों के लिए 17 गाइडलाइंस और फरमान जारी

by:minorities news
जिलाधिकारी कार्यालयों की तरफ से मीट बेचने वालों के लिए 17 गाइडलाइंस और ढेरों NOC वाला फरमान जारी कर दिया है।
जारी की ये 17 गाइडलाइंस…
1- धार्मिक स्थलों की परिधि से 50 मीटर की दूर रहें। यह भी सुनिश्चित करना होगा कि उनकी दुकानें ऐसे स्थलों के मुख्य द्वार से कम से कम 100 मीटर दूर हों।
2- मीट की दुकानें सब्जी की दुकानों के आस-पास नहीं होनी चाहिए।
3- मीट के दुकानदार जानवरों या पक्षियों को दुकान के अंदर नहीं काट सकते।
4- मीट की दुकानों पर काम करने वाले सभी लोगों को सरकारी डॉक्टर से हेल्थ सर्टिफिकेट लेना होगा।
5- मीट की क्वॉलिटी को किसी पशु डॉक्टर से प्रमाणित कराना होगा।
6. शहरी इलाकों में लाइसेंस पाने के लिए आवेदकों को पहले सर्किल ऑफिसर और नगर निगम की इजाजत लेनी होगी। फिर फूड सेफ्टी एंड ड्रग्स एडमिनिस्ट्रेशन से एनओसी लेनी होगी।
7. ग्रामीण इलाकों में मीट दुकानदारों को ग्राम पंचायत, सर्किल अफसर और एफएसडीए से एनओसी लेनी होगी।
8. मीट के दुकानदार बीमार या प्रेगनेंट जानवरों को नहीं काट सकते।
9. मीट के दुकानदारों को हर छह महीने पर अपनी दुकान की सफेदी करानी होगी।
10. उनके चाकू और दूसरे धारदार हथियार स्टील के बने होने चाहिए।
11. मीट की दुकानों में कूड़े के निपटारे के लिए समुचित व्यवस्था होनी चाहिए।
12. बूचड़खानों से खरीदे जाने वाले मीट का पूरा हिसाब-किताब भी रखना होगा।
13. मीट को इंसुलेटेड फ्रीजर वाली गाड़ियों में ही बूचड़खानों से ढोया जाए।
14. मीट को जिस फ्रिज में रखा जाए, उसके दरवाजे पारदर्शी होने चाहिए।
15. सभी मीट की दुकानों पर गीजर भी होना आवश्यक है।
16. दुकानों के बाहर पर्दे या गहरे रंग के ग्लास की भी व्यवस्था हो ताकि जनता को नजर न आए।
17. एफएसडीए के किसी मानक का उल्लंघन होते ही लाइसेंस तुरंत रद्द कर दिया जाएगा।
अवैध बूचड़खानों पर तालेबंदी से पहले से मुश्किल में पड़े मीट कारोबारियों में प्रशासन की ताजा गाइडलाइंस से हड़कंप मचा हुआ है। सरकारी गाइडलाइंस के मुताबिक, इन दुकानों को बहुत सारा कागजी काम भी निपटाना होगा

इरफानुल्लाह के नाम दिल्ली AIMIM के सबसे पुराने कार्यकर्त्ता का ख़त

लेखक ;Sameer Khan दिल्ली AIMIM के सबसे पुराने कार्यकर्त्ता हैं !
अस्सलामुअलैकुम जनाब इरफानुल्लाह साहब (एम आई एम दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष ) जनाब बड़े दुःख की बात है की आप महज़ चुनिंदा सीटो पर ही भागीदारी कर रहे हैं हालाँकि आप लोग तीन साल से दिल्ली में झंडे गाड़ने की बात कर रहे थे और कुछ तो आपने ऐसे लोगो को टिकेट दे दिया जो महज़ 20 से 25 दिन पहले एम् आई एम् से जुड़े है महज़ अपनी एक राजनितिक पहचान बनाने के लिए उसके बाद उनका स्थानांतरण सुनिश्चित है और सबसे बड़ी बात आप एम् आई एम् से ऊपर लेवल में सम्मिलित कम पढ़े लिखे तथा अन एक्सपेरिएंस्ड लोगो को निकाल कर बाहर करो महोदय मेरी आपसे विनती है आप इम्तियाज़ ज़लील एंव वारिश पठान लोगो की तलाश करके पार्टी में सम्मिलित करो ये आपका दायित्व प्रदेश अध्यक्ष होने के नाते अन्यथा दिल्ली में एम् आई एम् का भविष्य क्या होगा ?

गाय अगर माता है तो उसका वैध या अवैध क़त्ल अमानवीयता

फेसबुक मित्र माहरुख जफ़र लिखती हैं-
गोमांस सेवन पर एक दूसरा पझ भी है जिसे जानने और समझने की आवश्यकता है। भारतीय मुसलमानों ने कभी भी गोमांस को प्राथमिकता नहीं दी। बाबर ने अपनी वसीयत ‘तुजुक-ए -बाबरी’ में अपने बेटे हुमायूं को ताक़ीद की थी कि वह हिन्दुओं की भावनाओं का ख्याल रखे और इस बात के लिये भरसक प्रयास करे कि मुग़ल सल्तनत में गाय की हत्या या क़ुर्बानी न हो। दूसरे मुग़ल बादशाहों -अकबर,जहांगीर और अहमद शाह ने गोहत्या पर प्रतिबंध क़ायम रखा। हैदर अली और टीपू सुल्तान ने अपनी रियासत में गो-हत्या और गोमांस के सेवन को अपराध की श्रेणी में रखा और कानून तोड़ने वालो के लिए हाथ काट देने की सज़ा का प्रावधान किया। आज भारत में छत्तीस हज़ार से ज्यादा बूचड़खाने हैं। क्या यह मुसलमानो की देन है ?’
facebook
आज़ाद भारत में देश में दिन-ब-दिन बढ़ रहे बूचड़खानों और गोमांस के सेवन के लिए क्या आप सिर्फ मुसलमानों को ज़िम्मेदार ठहराएंगे ? देश के ज्यादातर लोगों की तरह मेरा भी मानना है कि देश के बहुसंख्यक हिंदुओं की भावनाओं का आदर करते हुए कुछ प्रदेशों में नहीं, पूरे देश में एक साथ गोमांस के सेवन पर प्रतिबंध लगा दिया जाना चाहिए। और हां, गोमांस का सेवन अगर अपराध है तो देशवासियों द्वारा विदेशियों को गोमांस परोसना भी अपराध है। आज भारत में हज़ारों वैध-अवैध बूचड़खानों में गाएं काटी जाती हैं और उन्हें विदेशों में निर्यात किया जाता है। जिस देश में गाय हज़ारों साल से बहुसंख्यक लोगों के लिए आस्था और भावना का सवाल रही है, उसे आज विश्व में गोमांस के सबसे बड़े निर्यातक का दर्ज़ा हासिल है। बूचड़खानों के मालिकों और गोमांस के निर्यातकों में मुसलमानों से ज्यादा बड़ी संख्या हिंदुओं की है। क्या इस बात पर किसी को शर्म भी आती है ? गाय अगर माता है तो उसका वैध या अवैध क़त्ल और आमदनी के लिए विदेशियों के साथ उसके मांस का सौदा अमानवीयता की पराकाष्ठा है। तो लोगों की धार्मिक आस्थाओं के सियासी इस्तेमाल और पाखंड पर विराम लगाईए ! हिम्मत है तो एक साथ पूरे देश के बूचड़खानों को बंद और गोमांस के सेवन और निर्यात को कानूनन अपराध घोषित करिए ! बूचड़खानों में काम कर रहे लाखों लोगों को अगर सरकार रोज़गार या रोज़गार के लिए सस्ते दर पर क़र्ज़ उपलब्ध करा सके यक़ीन मानिए, कोई मुसलमान इसका विरोध नहीं करेगा !

खबर का खंडन AIMIM ने बेचा ईमान 30 लाख रुपए में !

नोटिस: ख़बर का खंडन
मीम न्यूज़ इस खबर का खंडन करता है ।जों की एक वेबसाइट जिसका नाम http://www.in24live.com/hindi/archives/4956 के मुताबिक ये खबर चलाई जा रही है ।जिसमे कहा जा रहा है के मीम न्यूज़ से बात करते हुए ।
AF1advertise-here300x300

आप को हमारी टीम ये पूरी ज़िम्मेदारी के साथ बता रही है की मीम न्यूज़ ने ऐसा कोई इंटरविव नहीं किया है । और ना ही किसी AIMIM के नुमाएंदे से बात की है ।ये खबर मीम न्यूज़ और AIMIM पार्टी को बदनाम करने की शाजिश के तहत तैयार की गई है । लेकिन इसकी सच्चाई क्या है इसके बारे में मीम न्यूज़ कुछ नहीं कह सकता ।ये जाँच का विषय है । लेकिन हमारी टीम पिछले 24 घंटे से इस वेबसाइट के संचालकों से बात करने की कोशिश कर रहे हैं लेकिन उनकी तरफ से कोई जवाब नहीं मिल रहा ! हमारी टीम ने वेबसाइट के CONTACT US में भी इन से बात करने की कोशिश की लेकिन सफलता नहीं मिली ! आप सभी से गुज़ारिश है की एसी बातों पर ध्यान ना दें !

दिल्ली AIMIM की10 सीटों पे चुनाव लड़ने की घोषणा

by:MNS NASIR SAIFI.
नई दिल्लीः AIMIM, आल इंडिया मज़लिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन ने आज दिल्ली में MCD चुनाव में 10 सीटों पे चुनाव लड़ने की घोषणा करते हुये अपनी प्रत्याशियों की सूची जारी कर दी है !d1 उमीदवारो की सूची
1)- श्रीमती राजकुमारी (वार्ड 33 E, सुंदरनगरी)
2)- हाजी अब्दुल हन्नान ( वार्ड 25 E, शस्त्रिपार्क)
3)- मिर्ज़ा शग़ील बेग (वार्ड 41 E, चौहान बाँगड़)
4)- डॉक्टर सीमा (वार्ड 40 E, मौजपुर)
5)- श्रीमती वजिदा ख़ानम (वार्ड 48 E, सुभाषनगर)
6)- फखरुद्दीन अंसारी (वार्ड 59 E, नेहरु विहार)
7)- श्रीमती सोनिया बेगम (वार्ड 40 N, निठारी)
8)-श्रीमती नजमा ख़ातून (वार्ड 58 E, मुस्तफ़ाबाद)
9)-श्री आरिफ़ सैफ़ी (वार्ड 102 S, अबूलफ़ज़ल)
10)- श्री शाहे आलम (वार्ड 100 S, ज़ाकिर नगर)

गुप्त सूचना के आधार पर अंग्रेजी शराब के साथ 3 गिरफ्तार

by : fakhre alam minorities news darbhanga
दरभंगा: घनश्यामपुर प्रखण्ड अंतर्गत नीमा गांव में रविवार की देर रात करीब 11 बजे गुप्त सूचना के आधार पर घनश्यामपुर पुलिस ने 6 लीटर शराब के साथ तीन व्यक्ति को गिरफ्तार किया थाना अध्यक्ष पंकज कुमार पंथ ने बताया कि गुप्त सूचना मिलने पर छापेमारी करने के बाद 3 व्यक्ति को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है !

आदित्यनाथ ने लागू किये शरीयत के नियम ! क्यों परेशांन हैं मुसलमान

आखिर क्यों परेशां है मुस्लमान

दिल्ली :मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने चुपके से लगाया शरीयत का कानून जिसमे हराम की कमाई सख्त मना है|

ज़िनाकारी पर रोक

ज़िनाकारी सख्त मना है इसलिए हम मुसलमानो को चाहिए की योगी जी का सम्मान करते हुए उनका पूरा समर्थन करना चाहिए |

 हराम रोज़ी पर रोक

उन्होंने गलत काम करने को मना किया है ग़ैर क़ानूनी क़त्लख़ाने मतलब चोरी की रोज़ी हराम रिज़्क़ जो अल्लाह को पसन्द नहीँ उस पर रोक लगाई है !
अब वह नये सिरे से लाइसेंस देंगे और रोज़ी को हलाल बनायेंगे !

हराम कामों पर रोक

लड़कियों का ग़ैर महरम लड़कों के साथ घूमना शरीयत में मंज़ूर नहीँ इसलिये लिवइन जैसे तमाम हराम कामों पर पाबन्दी लगाई है !

पान गुटखा कोई भी नशा इस्लाम में मक्रूह और हराम है उसे बैन कर वज़ीर-ए-आला योगी आदित्यनाथ ने इस्लामिक फ़र्ज़ निभाया है !

जिसके लिए उनका खैर मकदम है !

निगम चुनाव प्रत्याशियों के नामांकन भरने के लिए निम्नलिखित दस्तावेज

By:Syed Jarrar Husain
दिल्ली नगर निगम चुनाव के प्रत्याशियों के नामांकन भरने के लिए निम्नलिखित दस्तावेजों की आवश्यकता है।
chunav
1) सभी प्रत्याशी अपने – अपने RO ( रिटर्निंग ऑफिसर ) के यहाँ से हरे रंग का फॉर्म प्राप्त कर के उस फॉर्म को बिना किसी गलती के भर कर जमा करवाना है । ( गलती से बचने के लिये आप उस फॉर्म का फ़ोटो कॉपी करवाकर अच्छे से भर लें फिर 2-3 बार चेक करके फिर ओरिजीनल फॉर्म भर लें )
2. सभी प्रत्याशी अपना एवं अपने 15 प्रोपोज़र का वोटर सर्टिफिकेट अपने एरिया के वोटर कार्ड दफ्तर से प्राप्त करें।इसके लिए आपको एक प्रार्थना पत्र देना होगा जो इस प्रकार होगा।
सेवा में
ERO ,
एरिया ऑफिस,
विधानसभा का नाम,
नयी दिल्ली,
विषय : वोटर सर्टिफिकेट के लिए आवेदन ।
महोदय,
मेरा नाम …….., पुत्र श्री / पुत्री श्री / पत्नी श्री ……….., अपना पता……. , वोटर कार्ड न. ………, है । आपसे अनुरोध है कि कृपया मेरा वोटर सर्टिफिकेट देने की कृपा करें। मैं आपका आभारी रहूँगा।
धन्यवाद
नाम, सिग्नेचर एवं मोबाइल नं ।
इस आवेदन पर 10 रूपये का ई-टिकट(Court Fee) लगा दीजिएगा।
3. फॉर्म न. 21 , 10 रूपये के ई स्टाम्प पर देना है ।
4. फॉर्म न. 22 , 10 रूपये के ई स्टाम्प पर देना है।
5. नामांकन (Nomination ) सुबह 11 बजे से 3 बजे तक ही होगा ।
6. 2 अप्रैल रविवार को नामांकन नहीं होगा उस दिन सभी कार्यालय बंद रहेंगे इस बारे में मैंने खुद SDM साहब से बात की ।
7. नामांकन की अंतिम तिथि 3 अप्रैल है , जो भी प्रत्याशी 3 बजे तक अपने RO ऑफिस में प्रवेश कर जाएंगेें उनका ही आवेदन स्वीकार होगा ।
8. सभी प्रत्याशी अपना – अपना 2 रंगीन फ़ोटो पासपोर्ट साइज़ का आवेदन के साथ जमा करवाएंगे यह फ़ोटो EVM मशीन पर प्रिंटेड होगा।
9. प्रत्याशी के साथ सिर्फ 4 (चार ) व्यक्ति नामांकन के लिए RO के पास जा सकते हैं वो भी तब जब प्रत्याशी ने चार फॉर्म(Set) भरे हों। बाँकी बाहर ही इंतज़ार करेंगे ।
10. नामांकन आवेदन ( Nomnation Form ) के साथ प्रत्याशी एवं 1 ( एक ) प्रोपोज़र का वोटर सर्टिफिकेट अनिवार्य है एवं उनके दस्तखत मूल प्रति पर अवश्य होने चाहिए ( signature of candidate and proposer on original nomination form must required )
11. सभी प्रत्याशी अपना एक नया बचत खाता खोल लें , एवं उसी खाते से चुनाव में खर्च करें तो लेखा – जोखा आसान रहेगा । किन्तु ध्यान रहे यह अनिवार्य नहीं है आप अपने पुराने खाते से भी खर्च करके हिसाब रख सकते हैं ।
12. सभी प्रत्याशी अपना एक रजिस्टर बना लें एवं उसमें एक-एक रूपये का हिसाब कब , कहाँ , किस वजह से खर्च हुआ रखें।
धन्यवाद –

दिल्ली किराड़ी में गौस कांफ्रेंस जलसा का प्रोग्राम

by: Nasim Siddiqui
भाई मासूक साबरी की सदारत में
दिल्ली किराड़ी में गौस कांफ्रेंस जलसा का प्रोग्राम..
जिसमे तमाम किराड़ी की अवाम मौजूद है और इस जलसे में मेहमान AIMIM दिल्ली यूथ प्रसिडेंट भाई Nasim Siddiqui और भाई अनीस का इस्तकबाल किया गया…

Saturday, April 1, 2017

10 रूपये का सिक्का बंद ? 10 من قيمة عملة؟ 10 روپے | کا سککا بند؟ |

10 रूपये का सिक्का बंद ? 10 من قيمة عملة؟ 10 روپے | کا سککا بند؟ |

मुस्लिम महिलाऒं के साथ क्या हो रहा है ? कोई हमें बताएंगे


31/03/2017 को प्रकाशित
What is happening with Muslim women? Someone will tell us

गोश्तबंदी पर दिल्ली के मुसलमानो ने जो कहा आप सुन कर हैरान हो जायेंगे !

 
 
30/03/2017 को प्रकाशित
گوشت قیدی پر دہلی کے مسلمانوں نے جو کہا آپ سن کر حیران ہو جائیں گے
سوف يفاجأ المسلمين دلهي السجناء اللحوم لسماع قلت
72 घंटों के भीतर राज्य में सभी अवैध वधशालाओं की समाप्ति ?
Closure of all illegal slaughterhouses in the state within 72 hours
إغلاق جميع المسالخ غير القانونية في الولاية خلال 72 ساعة
72 گھنٹوں کے اندر اندر ریاست میں تمام غیر قانونی مذبح خانوں کی بندش
NEW DELHI: On any other day, Bulandshahr district's livestock market in Gulaothi town 60 km from the national capital Delhi would have been bustling with activity and trades in about 1,500-2,000 buffaloes. On Monday, there was just one tied to a tree for sale by its owner, a farm labourer who had hoped to return home with enough money for his father's treatment. But there were no buyers.

The Uttar Pradesh government's crackdown on slaughter houses coupled with the indefinite strike by meat sellers has not only stalled processing of meat in the state but is also touching more lives than may have been expected.

The initial round of talks between Health Minister Mr Sidharth Nath Singh and the meat sellers could not break the deadlock on Tuesday. Mr Singh insisted that the licensed slaughter houses "should comply with the norms mentioned in the licence and need not to fear".

From Chief Minister Yogi Adityanath to Mr Singh, the government has promised that licensed slaughter houses did not have anything to worry. But meat exporters say the government had already shut down nearly 10 meat processing units across the state.


Over 50 km from Gulaothi town, out-of-work employees at Meerut's Al Aqsa plant that was shut down say the government officials who came to seal the unit appeared to be just looking for an excuse to shut the plant.

If this was about targeting the dominant community in the meat trade, Ankur, a worker counted himself as the collateral casualty. About 30 per cent of the workforce in this plant was Hindu by religion. "I am a BJP supporter myself. I don't think that the new government would want so much unemployment," chipped in Rajkumar Singh, a refrigeration engineer.

Livestock traders suggest it wasn't only the government agencies they were worried about. The vigilante groups who often stop vehicles to check if they are carrying any buffaloes are a bigger worry for them. "It doesn't matter anymore if the buffaloes aren't meant for slaughter. No one will believe us," said a trader at Gulaothi market.

The developments in Uttar Pradesh have already started squeezing supplies elsewhere too. In West Bengal, a Press Trust of India report said, supplies of meat, mostly buffalo meat had declined sharply and would impact the state's flourishing meat-packaging industry.