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Friday, March 31, 2017

11 साल सलाखों के पीछे किताब लिखने वाले मुफ़्ती अब्दुल क़य्यूम मंसूरी ने गुजरात सरकार से माँगा 5 करोड़ हर्जाना


UPDATE BY - SHAHID AKBAR 
11 साल सलाखों के पीछे किताब लिखने वाले मुफ़्ती अब्दुल क़य्यूम मंसूरी ने गुजरात सरकार से माँगा 5 करोड़ माँगा हर्जाना ,आप को बता दे ये वह मुफ़्ती अब्दुल क़य्यूम है जिन्होंने अपनी जिंदगी के 11 साल सलाखों झुटे आतंवादी के इलज़ाम में पीछे निकाल दिया
24 सितम्बर 2002  अक्षर धाम मंदिर पे हुवे आतंकी हमले में अहमदाबाद के मुफ़्ती अब्दुल क़य्यूम को और उनके साथ कई और लोगो गिरफ्तार किया था 
अक्षर धाम मंदिर पे हुवे आतंकी हमला को  ले के गुजरात पुलिस ने गुजरात से कई बे कशुर मुसलमानो को गिरफ्तार किया था जो की इस बात की सीधी गवाही देता है की गुजरात पुलिस अपनी नाकामी को छुपाने के लिए बेकशुर मुस्लिम आलिमो को गिरफ्तार कर वह वही लूट में कामयाब तो हो गए लेकिन देश की न्याय पालिका ने इन बेकशुरू को 16  मई 2004 को बाइज्जत बरी कर देश मुस्लिमानो को इंसाफ का भरोसा दिया 
मुफ़्ती अब्दुल क़य्यूम की गिरफ़्तारी के गुनाह काबुल ने के लिए कई हथ कंडे भी अपनाए गए लेकिन लेकिन कोई गुजरात पुलिस ने इस एक ठोस सबूत न्यायपालिका के सामने नही रख पायी जिसे देश की न्यायपालिका मुफ़्ती अब्दुल क़य्यूम को अक्षर धाम मंदिर पे हुवे आतंकी हमले के जिम्मेदार ठेरा सके !

मुफ़्ती अब्दुल क़य्यूम ने आपने जिंदगी के आतंकवाद के झुटे इलज़ाम में 11 साल सलाखों के पीछे निकल दिए और उन 11 साल में हुवे उनपे जुल्म को लेके आज गुजरात सरकार से  5 करोड़  का हर्जाना माँगा है !

और साथ ही साथ अहमदाबाद सिविल कोर्ट में याचिका भी दखल की है जिस में ई  I  P S  जीऐल  सिंधल , D  I  G  वंजारा , इंस्पेक्टर  आर आई  पटेल , रिटार्ड  D  S  P  वनार  के खिलाफ

ये उन आधिकारियो के नाम है जिन होने मुफ़्ती अब्दुल क़य्यम को आतंकवाद के झुटे इलज़ाम में फ़साने के लिए एरिचोटी  का जोर लगा जियादा था !

मुफ़्ती अब्दुल क़य्यूम ने आतंवाद के झुटे इल्जाम में 11  साल सलाखों के पीछे एक किताब लिखी है जिसमे
मुफ़्ती अब्दुल क़य्यूम ने अपनी जिंदगी बीते 11 साल के हर पहलु को बयां किया है और उनलोगों को बेनकाब किया है जो मुस्लिम कट्टर वाद  पुलिस अधिकारी है!




Wednesday, March 29, 2017

AIMIM चुनाव लड़ रही है दिल्ली के ओखला, सीलमपुर, मुस्तफाबाद, पुरानी दिल्ली से ?

नई दिल्ली: महाराष्ट्र में हाल के निकाय चुनावों में अपनी उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन करने के बाद असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) अब दिल्ली नगर निगम के चुनाव में भी कदम रखने जा रही है और वह 50 ऐसी सीटों पर अपने उम्मीदवार खड़े कर रही है जहां मुस्लिम आबादी अच्छीखासी है. एआईएमआईम ने पहले दिल्ली के तीनों निगमों की सभी 272 सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारने का मन बनाया था, लेकिन अपने सर्वेक्षण के आधार पर उसने सिर्फ 50 सीटों पर उम्मीदवार उतारने का फैसला किया.साभार :hind headline

दिल्ली में AIMIM 50 सीटों पर लड़ेगी चुनाव ?

26/03/2017 को प्रकाशित
नई दिल्ली: महाराष्ट्र में हाल के निकाय चुनावों में अपनी उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन करने के बाद असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) अब दिल्ली नगर निगम के चुनाव में भी कदम रखने जा रही है और वह 50 ऐसी सीटों पर अपने उम्मीदवार खड़े कर रही है जहां मुस्लिम आबादी अच्छीखासी है. एआईएमआईम ने पहले दिल्ली के तीनों निगमों की सभी 272 सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारने का मन बनाया था, लेकिन अपने सर्वेक्षण के आधार पर उसने सिर्फ 50 सीटों पर उम्मीदवार उतारने का फैसला किया.

पार्टी की दिल्ली इकाई के अध्यक्ष इरफानुल्ला खान ने कहा, ‘‘पहले हमने सभी सीटों पर उम्मीदवार उतारने का फैसला किया था, लेकिन जब हमने सर्वेक्षण कराया तो पता चला कि हम 50 सीटों पर मजबूत स्थिति में हैं. इसके बाद हमने इन 50 सीटों पर मजबूती के साथ चुनाव लड़ने का फैसला किया.’’ ओवैसी की पार्टी ने दिल्ली नगर निगम के चुनाव में जिन 50 सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारने का फैसला किया है उनमें ओखला, सीलमपुर, मुस्तफाबाद, पुरानी दिल्ली और संगम विहार जैसे इलाके शामिल हैं. ये वो क्षेत्र हैं जहां अच्छी खासी तादात में मुस्लिम आबादी है जिसे लक्ष्य बनाकर एआईएमआईएम चुनाव लड़ रही है.

खान ने कहा, ‘‘ऐसा नहीं है कि हम सिर्फ मुस्लिम बहुल इलाकों में चुनाव लड़ने जा रहे है, हम कालकाजी और बवाना जैसे इलाकों में भी चुनाव लड़ेंगे क्योंकि हमें वहां अच्छे उम्मीदवार मिले हैं और हमारा संगठन भी मजबूत है.’’ गौरतलब है कि पिछले महीने महाराष्ट्र में हुए नगर निगमों के चुनाव में ओवैसी की पार्टी ने अच्छा प्रदर्शन किया था. उसने बीएमसी में तीन और सोलापुर नगर निगम में पांच सीटें जीतीं. कहा जा रहा है कि उनकी पार्टी की वजह से कांग्रेस और राकांपा जैसी पार्टियों को खासा नुकसान हुआ.

विरोधी पार्टियों की ओर से ओवैसी की पार्टी पर धर्मनिरपेक्ष राजनीति को नुकसान पहुंचाने संबंधी आरोप लगाए जाने के बारे में पूछे जाने पर इरफानुल्ला खान ने कहा कि देश में ‘तथाकथित धमनिरपेक्ष दलों’ की यह राजनीति बंद होनी चाहिए. खान ने कहा, ‘‘जब मुलायम सिंह यादव, नीतीश कुमार या अरविंद केजरीवाल मुसलमानों का नेतृत्व करें तो वह धर्मनिरपेक्ष राजनीति है, लेकिन अगर ओवैसी या अयूब अंसारी (पीस पार्टी) मुस्लिम समाज के नेतृत्व की बात करे तो वह सांप्रदायिक राजनीति हो जाएगी. मुसलमानों के नाम पर इस तरह की राजनीति बंद होनी चाहिए.’’ एआईएमआईएम के नेता ने कहा, ‘‘दिल्ली नगर निगम चुनाव में हम किसी का वोट काटने नहीं, बल्कि अधिक से अधिक सीटें जीतने के लिए उतर रहे हैं. हमें उम्मीद है कि हमारी पार्टी दिल्ली में महाराष्ट्र से भी अच्छा प्रदर्शन करेगी ,साभार hind headlines

MCD चुनाव में आप के हाऊस टैक्स खत़्म करने के बाद अब काग्रेंस का प्रापट्री टेक्स खत्म का वादा !

MCD चुनाव में आप के हाऊस टैक्स खत़्म करने के बाद अब काग्रेंस का प्रापट्री टेक्स खत्म का वादा !

By Imran khan
अगले महीने होने वाले एमसीडी चुनाव के लिए सियासी दलों ने दांवपेच लड़ाने शुरू कर दिए हैं और अलग अलग राजनैतिक दलों द्वारा तरह तरह की घोषणाएं की जा रही है |दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल ने चुनाव जीतने पर आवासीय मकानों पर लगने वाले संपत्ति कर को खत्म करने का वादा किया तो अब काग्रेंस ने भी प्रापर्टी टैक्स में छूट की घोषणा की है |
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सीएम केजरीवाल ने कहा कि अगर उनकी पार्टी एमसीडी चुनाव में जीतती है तो आवासीय मकानों पर लगने वाले संपत्ति कर को खत्म कर दिया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि जिन लोगों का इस श्रेणी का टैक्स बकाया है, उसे भी माफ कर दिया जाएगा।
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काग्रेंस प्रदेश अध्यक्ष अजय माकन भी एमसीडी चुनाव को लेकर एक प्रेंस क्रान्फेंस की जिसमें उन्होने अपने एंजेडो को साफ किया और कहा की
एमसीडी चुनाव में अपनी जीत के लिए सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट का ब्लू प्रिंट लॉन्च किया है, जिसके जरिए दिल्ली को साफ और सुंदर शहर बनाने की दिशा में काम किया जाएगा | जो लोग सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट के लिए कांग्रेस के ब्लू प्रिंट को फॉलो करेंगे, उन्हें प्रॉपर्टी टैक्स में छूट दी जाएगी |
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बताते चले की अगले महिने दिल्ली में उत्तर, पूर्व और दक्षिण नगर निगमों के लिए 23 अप्रैल को मतदान होगा, जबकि 26 अप्रैल को वोटों की गिनती होगी। केजरीवाल की पार्टी पहली बार नगर निगम का चुनाव लड़ रही है, वहीं बीजेपी ने एमसीडी चुनाव में सभी नए चेहरों को टिकट देने का ऐलान किया है तो वही काग्रेंस भी नए गणित और समीकरण के साथ मैदान में उतरने को तैयार है |

अगर आप AIMIM पार्टी से हैं तो इस ख़बर को नज़र अंदाज़ ना करें | ज़मीनी सच्चाई आप के सामने है !

By: mim news delhi 
video ज़मीनी सच्चाई आप के सामने 
नई दिल्ली:अगर आप किसी भी तरह या किसी भी जगह पर ए आई एम आई एम पार्टी से जुड़े हैं |
तो यह खबर आपके लिए बहुत ज्यादा जरूरी है | हाल ही में दिल्ली के सदर जनाब इरफान उल्लाह खान साहब ने एक वेबसाइट के मुताबिक 50 सीटों पर चुनाव की घोषणा की है जिसकेे अंदर मध्य दिल्ली ,पूर्वी दिल्ली ,संगम विहार ,ओखला एवं कई अन्य इलाके शामिल है यह खबर मिलते ही हमने जमीनी तौर पर एक सर्वे किया जिस इलाके में खुद इरफान उल्ला रहते हैं | यानी कि ओखला का इसमें जो सच सामने आया है वह आप लोगों के सामने है । कि दिल्ली के सदर जनाब इरफान उल्लाह साहब के घर के नीचे लोगों ने क्या कहा लोगों का कहना है की दिल्ली एमसीडी चुनाव के लिए तैयार है । और वही दूसरी तरफ ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन के कार्यकर्ताओं का भी यही कहना है कि दिल्ली में हमने जमीन पर बहुत मेहनत करी है । अगर चुनाव होते हैं जीत जरुर दर्ज कराएंगे ।लेकिन यह वीडियो देखने के बाद आप लोग भी अपनी राय जरूर दीजिए माइनॉरिटी न्यूज़ जवाब का इंतजार कर रहा है जिन इलाकों को सेफ एरिया बताया गया है मीम न्यूज़ जल्द वहां पर सर्वे करेगा और आपको भी वहां की जमीनी हकीकत से रूबरू कराएगा कि वाकई वहां की जनता क्या चाहती है। जो जनता आंकड़े देगी उससे आप अंदाजा लगा सकते हैं की उस जगह मजबूती कितनी है ।अब आप लोग खुद फैसला करें कि क्या यह वीडियो देखने के बाद AIMIM को MCD चुनाव लड़ना चाहिए या नहीं अपनी राय ज़रूर दीजिये !

Monday, March 20, 2017

उत्तर प्रदेश और बिहार से बेहतर तो पंजाब का मलेर कोटला रहा







पंजाब:मलेर कोटला में दिखा इत्तेहाद पंजाब:के डीजीपी मुहम्मद मुस्तफ़ा जी की पत्नी,मोहतरमा रजिया सुल्ताना ने पंजाब सरकार में लोकनिर्माण विभाग तथा महिला एवम् बाल विकास मंत्रालय का कार्यभार सम्भाला।!!मुबारकबाद



Sunday, March 19, 2017

मस्जिद बनी अय्याशी का अड्डा और हम कुछ नहीं कर सकते












Lovers love to use mosque
Qila-i-Kuna Mosque, built by Sher Shah in 1541.
कहाँ गए बाबरी मस्जिद का रोना रोने वाले मुसलमान ! वडियो
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update:Team ILNN network
more info visit us on www.indialooknews.com









जेसा की दिल्ली की एक मस्जिद (मस्जिद किला ऐ कोना)का हो रहा हे
पुराना किले के कोने पर बनी मस्जिद किला ऐ कोना आशकी की अड्डा बन चुकी हे जहाँ
प्रेमी युगल अपने प्यार परवान चढाने के लिए इस्तेमाल कर रहे हैं ! और तो और मस्जिद के अहाते म













Saturday, March 18, 2017

KYA MUSALMANO KE SATH BHI HO SAQTA HAI 1984 ? d.s bindra delhi AIMIM








KYA MUSALMANO KE SATH BHI HO SAQTA HAI 1984 ? d.s bindra delhi AIMIM









Kiya Musalman Banana Kaleem Siddiqui Ka Kaam Hai by Maulana Kaleem Siddiqui

05/11/2013 को प्रकाशित

Kiya Musalman Banana Kaleem Siddiqui Ka Kaam Hai by Maulana Kaleem Siddiqui
کیا مسلمان بنانا کلیم صدیقی کا کام ہے
Maulana Kaleem Siddiqui Jeddah












IT is the name that never was – and most would agree better for it. Natalie Massenet has revealed that she initially wanted to call Net-A-Porter “What’s New Pussycat?”

When the entrepreneur – and BFC chairman – first started out, she was riding the crest of the Pashmina trend wave, selling her friend’s imported scarves online. As the business grew and she moved towards building a more comprehensive edit of products, a name was needed and her initial idea was quickly vetoed by a steely solicitor.




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चिकनगुनिया लम्बें समय तक चलने वाला जोडों का रोग है जिसमें जोडों मे भारी दर्द होता है। इस रोग का उग्र चरण तो मात्र २ से ५ दिन के लिये चलता है किंतु जोडों का दर्द महीनों या हफ्तों तक तो बना ही रहता ह..







Wednesday, March 15, 2017

NASIM SIDDIQUI DELHI MIM YOUTH PRESIDENT NE | बड़े बड़े नेता और राजकुमारों की बोलती बंद कर दी

13/03/2017 को प्रकाशित
NASIM SIDDIQUI DELHI YOUTH PRESIDENT AIMIM in AMRAVATI Maharashtra delhi ke sher ki dahad se sare chuhe bill me






EVM का राज़ पता था BJP के गोपीनाथ मुंडे को ? सड़क दुर्घटना में हो गई थी मोत

14/03/2017 को प्रकाशित
लोकतंत्र वि वि पैट मशीन से सस्ता है ?
By:minorities news delhi
पंजाब : में जिन 2 सीटों पर EVM के साथ VVPAT मशीन लगाई गई वहां AAP कैसे जीत गई!!!" "UP की जिन 20 सीटों पर EVM के साथ VVPAT मशीन लगी थी वहाँ मोदी लहर के बावजूद भाजपा16 सीटें कैसे हार गयी? बाकि की सीटों पर सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बावजूद VVPAT मशीन क्यों नहीं लगायी गयी? यदि VVPAT मशीन महँगी है |
तो क्या इस देश का लोकतंत्र से मशीन से सस्ता है।
लेकिन हैरान करने वाली बात ये के हम आम लोग हो हल्ला कर रहे है । और जो पार्टियां हार गई उनके मुखिया पर कोई असर नहीं ।इसे ही कहते है । LOKTANTRA
www.minoritiesnews.com






डिस्क्लेमर minorities news विडियो किलिप में जो कहा गया है वो सच है इसकी
पुष्टि नहीं करता ! ये जाँच का विषय है ! अपने विवेक अनुसार विडियो देखें

लोकतंत्र वि वि पैट मशीन से सस्ता है ?

पंजाब : में जिन 2 सीटों पर EVM के साथ VVPAT मशीन लगाई गई वहां AAP कैसे जीत गई!!!" "UP की जिन 20 सीटों पर EVM के साथ VVPAT मशीन लगी थी वहाँ मोदी लहर के बावजूद भाजपा16 सीटें कैसे हार गयी? बाकि की सीटों पर सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बावजूद VVPAT मशीन क्यों नहीं लगायी गयी? यदि VVPAT मशीन महँगी है |
तो क्या इस देश का लोकतंत्र मशीन से सस्ता है।
लेकिन हैरान करने वाली बात ये के हम आम लोग हो हल्ला कर रहे है । और जो पार्टियां हार गई उनके मुखिया पर कोई असर नहीं ।इसे ही कहते है । LOKTANTRA



Friday, March 10, 2017

बीजेपी BJP गुंडों ने क्या किया महिला के साथ | देश में महिला पुलिस भी नहीं है सुरक्षित !

शाहजहाँपुर की महिला ईसंपेक्टर की मोदी जी, एंव स्मृति ईरानी से गुहार

ओवेसी “संभल” जीतकर पहुचेगे यूपी “विधानसभा” !

ओवेसी “संभल” जीतकर पहुचेगे यूपी “विधानसभा” !
s: New Delhi
पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव 2017 के लिए अलग-अलग एग्जिट पोल के आंकड़े सामने आ गए हैं |

ज्यादातर एग्जिट पोल भाजपा को स्पष्ट बहुमत मिलने का दावा कर रहे हैं तो कुछ एग्जिट पोल में सपा और भाजपा के बीच कड़ी टक्कर की बात सामने आ रही है |
जहां कड़ी टक्कर की बात कही जा रही है वहां भी के सबसे बड़ी पार्टी के रूप में भाजपा के ही उभरने की संभावना जतायी गई है | अब ये देखने वाली बात होगी कि क्या वाकई एग्जिट पोल सही नतीजो में तबदील हो पाएगे या नही |
karnatakaजहां एक ओर यूपी विधानसभा चुनाव में हैदराबाद के सांसद बैरिस्टर असद् उद्दीन औवेसी की पार्टी एआईएमआईएम ने पहली बार यूपी चुनाव में हिस्सा लिया और काफी हद्द तक मुसलमानों का समर्थन भी प्राप्त हुआ | अब ये देखने वाली बात होगी कि औवेसी यूपी विधानसभा चुनाव मे अपनी उप-स्थिति दर्ज करा पाते है या नही |
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जहां ई-टीवी उर्दू के एग्जिट पोल के अनुसार हैदराबाद की पार्टी AIMIM उत्तर प्रदेश के संभल विधानसभा में हुई AIMIM प्रत्याशी जियाउर्रहमान की एक बडी जीत हासिल करते नजर आ रहें हैं | जियाउर्रहमान डॉ़ बर्क साहब के पोते है जो कि एक सांसद भी रह चुके है साथ ही संभल के एक बड़े नेता माने जाते है | याद रहे AIMIM पार्टी ने यूपी विधानसभा चुनाव में अपने 35 प्रत्याशी को मैदान में उतारा था |

11 मार्च को किसके सर सजेगा ताज ? हर तीसरा प्रत्याशी बलात्कार, हत्या और अपहरण जैसे गंभीर अपराधों में लिप्त

लिप्त !

11 मार्च को किसके सर सजेगा ताज ? हर तीसरा प्रत्याशी बलात्कार, हत्या और अपहरण जैसे गंभीर अपराधों में लिप्त !
By:- Imran Khan MiM News , Delhi
यूपी के राजनीतिक दलों , राजनीतिक बाहुबलियों और राजनीतिक हस्तियों का भविष्य अब मतदाताओं के हाथ में है | यूपी की कमान किसके हाथ लगेगी और किसके हाथ में नही लगेगी ये तो 11 मार्च को सामने आ ही जाएगा | जिस तरीके से विधानसभा चुनाव की तारीखों की घोषणा हो जाने के बाद सत्ताधारी दल समाजवादी पार्टी अपने घर के झगड़ो मे ही उलझी रही उससे मौजूदा राजनीतिक परिदृश्यक में इस दल की छवि जरुर चोटिल हुई है और समाजवादी पार्टी को इससे नुकसान हो सकता है इसमें भी दोहराय नही है | दूसरी ओर बसपा फिर से सत्ता पाने की पूरी करती दिखाई दे रही है |
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इस चुनाव में मायावती की रैलियों में वैसी ही टूट पड़ती भीड़ फिर दिखी है | अब यह अलग बात है कि मीडिया में वह कुछ कमज़ोर दिखाई दीं | अगर बीजेपी को देखा जाए तो यूपी विधानसभा चुनाव 2012 की स्थिति को सुधारने के लिए “प्रदेश बीजेपी” से ज्यादा “राष्ट्रीय बीजेपी” दिखाई दीं पूरे चुनाव में | जहां बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह और प्रधानमंत्री मोदी ने प्रदेश में खुद को ही दांव पर लगा दिया | अगर सही मायनों में देखा जाए तो यूपी विधानसभी चुनाव में सबसे सुरक्षित खेल काग्रेंस ने ही खेला है | काग्रेंस ने सपा के साथ गठबंधन करके ये भी संकेत दे दिए कि वो देश के सबसे बड़े राज्य में किसी पार्टी के बगैर खड़ी नही हो सकती है | बिहार ही तर्ज पर ही यूपी में एक बड़े दल के साथ गठबंधन करके काग्रेंस फिर से उठ खड़ी होने के लिए तैयार दिखाई देती है | वही आरएलडी यानी राष्ट्रीय लोकदल पश्चिम यूपी में मजबूत मानी जाती हो और पहली बार यूपी में चुनाव लड़ रही AIMIM पार्टी अगर ये छोटे दल यूपी चुनाव में कुछ करिश्मा कर जाते है और खुदा न खास्ता, किन्हीं दो बड़े दलों में कांटे की टक्कर हो गई और किसी को बहुमत के लिए पन्द्रह-बीस सीटों की कमी पड़ गई, तो अजित सिंह और असद् औवेसी के घरों के बाहर मेला भी लग सकता है | हा जरुर ये 11 मार्च के बाद पता लगेगा कि किसके घर के बाहर मेला लगेगा और किसके नही |
.करीब दो महिने से इलेक्शन के चलते नेताओ को जरुर थका दिया होगा , सबसे ज्यादा परेशानी पहले चरण और आखिरी चरण के प्रत्यशी को ही हुई होगी | जहा पहले चरण वाले प्रत्याशी की ये शिकायत रहती होगी की उसको प्रचार में कम समय मिला है तो वही दूसरी ओर आखिरी चरण के प्रत्याशी की ये शिकायत रहती होगी की उसको पैसा ज्यादा खर्च करना पड़ा और मेहनत भी काफी करनी पड़ी |
0173b-advertise_here.उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव लड़ रहा हर तीसरा प्रत्याशी बलात्कार, हत्या और अपहरण जैसे गंभीर अपराधों समेत आपराधिक मामलों का सामना कर रहा है. वहीं चुनावी मैदान में किस्मत आजमा रहे करीब 30 प्रतिशत उम्मीदवार करोड़पति हैं |
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2012 में जब विधानसभा चुनाव हुए थे तो समाजवादी पार्टी को 29.13 फीसदी और बसपा को 25.91 फीसदी मत मिले थे | उसके पीछे जायें तो 2007 विधानसभा चुनाव में बसपा को 29.5, समाजवादी पार्टी को 25.5 फीसदी मत मिले थे | बीजेपी को इन दोंनों चुनावों में 17 फीसदी के आसपास मत मिले थे |

कैसे बीजेपी के लिए “नाक की लड़ाई” बना पीएम मोदी का संसदीय क्षेत्र “वाराणासी” !

कैसे बीजेपी के लिए “नाक की लड़ाई” बना पीएम मोदी का संसदीय क्षेत्र “वाराणासी” !
By: Imran Khan MiM News: New Delhi
उत्तप्रदेश विधानसभा का चुनाव प्रचार अब थम चुका है | सभी पार्टीयां अब नतीजों के इन्तजार में है | ऐसे देखा जाए तो इस बार उत्तरप्रदेश विधानसभा चुनाव में मुकाबदा काफी कड़ा रहा | जहा चुनाव से पहले समाजवादी पार्टी भीतरी मतभेद से जुझती नज़र आई तो वही बसपा प्रमुख भी इससे दूर नही थी और दोनो पूरे चुनाव टक्कर देते हुए नज़र आए | भाजपा ने यूपी चुनाव को जहां अपनी “नाक की लड़ाई” बनाई तो दूसरी छोटी छोटी पार्टीयां भी पूरे चुनाव में संघर्ष करती नजर आई |
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देश के सबसे बड़े राज्य में विधानसभा चुनाव काफी महत्वपूर्ण माना जाता है , ये भी कहा जाता है कि दिल्ली का रास्ता यूपी होकर ही गुजरता है | तो फिर पार्टीयों ने भी यूपी की सत्ता में बैठने के लिए यूपी विधानसभा चुनाव में हर हथकंडा अपनाया , “विकास” से शुरु हुआ चुनाव प्रचार “कब्रिस्तान-श्मशान” तक जा पहुंचा | अगर पूरे यूपी विधानसभा चुनाव पर नज़र डाली जाए तो सबसे बड़ा दांव बीजेपी ने ही खेला है , तीसरे चरण के बाद तो जैसे बीजेपी की ओर से विवादित बयानों की बाढ़ सी आना शुरु हो गई |
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बीजेपी ने यूपी विधानसभा चुनाव में अपनी पूरी ताकत झोंक दी | करीब 20 से ज्यादा कैबिनेट मंत्रीयों ने अकेले वाराणासी को आखिरी दिन तक सम्भाले रखा | पीएम मोदी खुद 3 दिन अपने संसदीय क्षेत्र में रहे ,जहाँ उन्होने पैदल दौर, रोड़ शो से लेकर मंदिरों में भी गए | अब इससे ही अन्दाजा हो जाता है कि बीजेपी के लिए यूपी विधानसभा चुनाव कितना महत्वपूर्ण और कितना नही है | बीजेपी ने यूपी विधानसभा चुनाव में करीब 1,200 रैलियां (हर रोज 28) राज्य में की | साथ ही पीएम नरेंद्र मोदी की 20 रैलियों से बीजेपी ने राज्य में वापसी के लिए हर दांव चला जो कि पूरे चुनाव में दिखा भी |0173b-advertise_here
.बीजेपी के लिए सबसे बड़ी जिंता पीएम नरेन्द्र मोदी का संसदीय क्षेत्र वाराणासी है | जहां से भी बीजेपी के लिए अच्छी खबरे नही आ रही है | वाराणासी कैंट से जहां बीजेपी के कार्यकर्ताओ की नाराजगी सौरभ को टिकट ना देने से है तो वही पिंडरा से काग्रेंस बढ़त बनाए हुए है | वही वाराणसी साऊथ से पिछले 7 बार के विधायक राय चौधरी को टिकट ना मिलने के कारण उनके समर्थको और कार्यकर्ताओ में नाराजगी है तो वाराणासी नार्थ सीट से भी बीजेपी के उम्मीदवार जायसवाल को बुनकरों और नाविको के विरोध का भी भुगतान करना पड़ सकता है |
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राज्य में पीएम मोदी के धुआधांर प्रचार से ये तो तय है कि
यूपी विधानसभा चुनाव में बीजेपी पीएम मोदी के करिश्मे पर निर्भर है और खास तौर पर 11 मार्च को ये देखना होगा कि पीएम मोदी की वाराणसी में लोकप्रियता वही है, जो 2014 के लोकसभा चुनावों में थी | लेकिन मोदी का करिश्मा क्या वोटों में तब्दील होगा यह देखने वाली बात होगी |

मुसलमान हो तो इस मस्जिद को एक बार जाकर देखो और यहाँ बने कुए का पानी पियो |

मुसलमान हो तो इस मस्जिद को एक बार जाकर देखो और यहाँ बने कुए का पानी पियो |

सैफुल्लाह के (इस्लामिक स्टेट) IS लिंक से जुड़े होने के कोई सबूत नहीं :- एडीजी दलजीत सिंह

 सैफुल्लाह के (इस्लामिक स्टेट) IS लिंक से जुड़े होने के कोई सबूत नहीं :- एडीजी दलजीत सिंह
By:Imran khan MiM News:New Delhi
भोपाल-उज्जैन पैसेंजर ट्रेन में ब्लास्ट के आरोपी, लखनऊ मुठभेड़ में मारे गए सैफुल्लाह और गिरफ्तार अन्यों आरोपीयों के तार सीधे तौर पर इस्लामिक स्टेट (आईएस) से जुड़े होने की खबर से यूपी पुलिस ने इनकार किया है |
sefullah
ADG दलजीत चौधरी ने कहा है कि लखनऊ मुठभेड़ में मारे गए सैफुल्लाह और गिरफ्तार अन्य संदिग्धों का आईएस से कोई सीधा लिंक नहीं है | ADG दलजीत चौधरी ने बुधवार शाम को एक प्रेस कान्फ्रेंस कर यह साफ़ किया कि इनका इस्लामिक स्टेट (आईएस) से जुड़े होने का कोई सबूत नहीं मिला है | ये इंटरनेट, सोशल मीडिया और वेबसाइट के जरिए आईएस से प्रभावित हुए थे और ‘खुरासान ग्रुप’ बनाकर खुद अपनी पहचान बनाना चाहते थे |
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मध्यप्रदेश मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के सवाल का भी एडीजी चौधरी ने जनाब दिया | मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने सवाल कर कहा था कि बम ब्लास्ट की तस्वीरें आतंकियों ने सीरिया भेजी थी | इस सवाल पर दलजीत चौधरी ने कहा, ‘हो सकता है कि मध्य प्रदेश पुलिस के पास ऐसी कोई जानकारी हो, लेकिन हमें ऐसा कोई तथ्य नहीं मिला है |

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बुधवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में ADG दलजीत चौधरी ने बताया कि 4 लोग लखनऊ के ठाकुरगंज स्थित मकान में किराये पर रह रहे थे | एडीजी के मुताबिक इस संगठन से जुड़े कुछ और लोगों की गिरफ्तारी का प्रयास किया जा रहा है | एटीएस के लखनऊ स्थित थाने में मुकदमा दर्ज किया गया है | एडीजी के मुताबिक इनके पास से 8 पिस्टल, 4 चाकू, विस्फोटक सामग्री, पासपोर्ट, बैट्री, मोटरसाइकिल, 6 मोबाइल फोन, 4 सिमकार्ड, सोना, रियाद, चेकबुक, आधार कार्ड, नक्शा, शैक्षणिक प्रमाण पत्र आदि चीजें बरामद की गई हैं |
advertise-here300x300वही दूसरी ओर लखनऊ एन्काउंटर में मारे गए सैफुल्लाह के पिता ने भी बड़ा बयान दिया है | लखनऊ में मारे गए सैफुल्ला के पिता सरताज ने कहा, ‘यह देश विरोधी काम था। हम एक राष्ट्रविरोधी की बॉडी नहीं लेंगे |वही सैफुल्लाह के एक रिश्तेदार ने कहा, ‘हम सभी इस खबर से चकित हैं, वह काफी तमीजदार था और दिन में 5 वक्त नमाज़ पढ़ता था।’
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किराड़ी AIMIM कार्यालय का उदघाटन

by:mim news delhi
नगर निगम के चुनाव कार्यालय
निठारी वार्ड 40 में AIMIM कार्यालय खोला गया !
advertise-here300x300जिसमे इलाके के प्रमुख लोग सामिल हुए और आने वाले नगर निगम चुनाव में पतंग के सामने वाला बटन दबाकर सोनिया अनीस को भारी बहुमत से विजयी बनाने की अपील की..जिसमे दिल्ली AIMIM टीम के सभी साथी शामिल थे !
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