ADD

Saturday, December 31, 2016

31 दिसंबर को जनता क्या करेगी मोदी जी का ! -MIM NEWS

31 दिसंबर को जनता क्या करेगी मोदी जी का !
DEKHIYE 31 DECMBER KO JANTA KYA KAREGI
MODI JI KE SATH

Please subscribe Like & Shear
MIM NEWS youtube channel Thank you

उत्तर प्रदेश की सेक्युलर समाजवादी सरकार, जामिया मिल्लिया के खिलाफ केस लेकर सुप्रीम कोर्ट चली गयी |जामिया ने हाईकोर्ट में जीत लिया- MIM NEWS

दिल्ली में मथुरा रोड के किनारे 85 एकड़ (214 बीघा ) ज़मीन है जो दिल्ली और उत्तर प्रदेश सरकार के बीच विवादित है
जामिया मिल्लिया इस्लामिया को उसपर मेडिकल कॉलेज खोलना है इस केस को जामिया ने हाईकोर्ट में जीत लिया उसके बाद उत्तर प्रदेश की सेक्युलर समाजवादी सरकार, जामिया मिल्लिया के खिलाफ केस लेकर सुप्रीम कोर्ट चली गयी |
सुप्रीम कोर्ट ने निर्देश दिया की दिल्ली और उत्तर प्रदेश की सरकार आपस में मिल बैठ कर मामले का निपटारा कर ले |
सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर दो सेक्युलर सरकार के नेता आपस में मिले, एक दूसरे को फूल-शूल दिया, मुस्कुराते हुए फ़ोटो खिंचवाया, लेकिन पौन घंटे के मीटिंग के बावजूद किसी नतीजा पर नहीं पहुंचे और मामला वैसा का वैसा ही रह गया |
पौन घंटे की मीटिंग में दोनों नेता इस नतीजे पर पहुंचे की फ़िलहाल जामिया का मेडिकल कालेज नहीं खुलेगा |
मुसलामन इस बात पर खुश है की सेकुलरिज़्म बचा हुआ है |
मध्य प्रदेश में किसी मेडिकल कालेज से असद खान नाम के छात्र को दाढ़ी होने पर निकाल दिया गया तो मुसलमानो ने आसमान सर उठा रखा है और इधर सेक्युलर लोगों ने असद खान जैसे हज़ारों नौजवानो को नही पढ़ने का पुख्ता इंतेज़ाम कर रखा है मगर किसी के कान पर जूं तक नहीं रेंग रही है |
भाजपा सरकार कुछ अन्याय करे तो मुसलमान आसमान सर पर उठा लेता है और सेक्यूलर सरकार अन्याय करे तो हंस हंस कर सह लेता है ये तो मुसलमानों का डबल स्टैंडर्ड है |
जब तक अन्याय की आवाज़ उठाने में मुसलमान ये डबल स्टैंडर्ड नहीं छोड़ेगा ज़लील होता रहेगा |

उत्तर प्रदेश सहारनपुर में Aimim सहारनपुर मण्डल ने दी हरी झंडी














आज सहारनपुर में Aimim सहारनपुर मण्डल
 प्रभारी यासीन मलिक ,Aimim उत्तर प्रदेश
 कार्यकारिणी सदस्य सादाब चौहान ,,Aimim
 उत्तर प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य पाशा  और
सहारनपुर की टीम रथ के रीबन काटकर उन्हें
 हरी झंडी देते हुए दिखाया दम और उत्तर प्रदेश
की जनता का विश्वाश जितने की हर कोसिस में लगे

दिल्ली कि एक अदालत ने इरशाद अली और उनके साथी मौरिफ कमर को बेगुनाह करार दिया।बेगुनाही की अपनी कीमत है जो इन 10 सालों में उनकों चुकानी पड़ी।- MIM NEWS GUJARAT



आज से तकरीबन 10 साल पहले 9 दिसंबर 2006 को दिल्ली पुलिस ने उन्हें आतंकवाद के इल्जाम में गिरफ्तार किया था।

बताया गया कि वे दोनों प्रतिबंधित आतंकी संगठन अल-बदर के सदस्य हैं।

पुलिस ने उस वक्त मीडिया को दिखाया कि गिरफ्तारी के वक्त उनके पास से पिस्तौल, गोलियां व डेटोनेटर बरामद हुए हैं।

दोनों के खिलाफ आइपीसी की धारा-121 (भारत के खिलाफ जंग छेड़ना) व धारा-120बी (आपराधिक षड्यंत्र) के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था और जेल की कालकोठरी में डाल दिया गया।

ये है इरशाद अली और मौरिफ कमर की कहानी का पहला हिस्सा।

कहानी का दूसरा हिस्सा ये है कि लगभग 11 साल बाद दिल्ली हाइकोर्ट ने उनकों सभी आरोपों से बरी कर दिया है,

आज दोनों बेगुनाह है।

लेकिन इस बेगुनाही की अपनी कीमत है जो इन 10 सालों में उनकों चुकानी पड़ी।

इरशाद अली आज 41 साल के हैं जब उन्हें गिरफ्तार किया गया तो उनकी उम्र 29 साल थी।

खुद को बेगुनाह साबित करने की अदालती लड़ाई में उन्होंने चार साल 3 महीना जेल में गुज़ारे।

इस दौरान अपनी इकलौती बेटी और मां बाप को खो दिया।

अपनी जिंदगी की भारी जमा पूंजी अदालती कार्यवाही में खपा दी। आखिरकार उन्हें इंसाफ मिला।

कहानी का सबसे स्याह और हैरानी वाला हिस्सा इस केस की जांच में बैठी सीबीआई की क्लोज़र रिपोर्ट कहती है।

सीबीआई जांच में पाया गया दरअसल जिन्हें आतंकवाद के आरोप में जेल में डाला गया था वो इसी देश की खुफिया एजेंसी के मुखबिर थे।

लेकिन कोर्ट में स्पेशल सेल बार-बार इनकार करती रही कि इरशाद उनका मुखबिर है।

सीबीआई की क्लोजर रिपोर्ट में ये दर्ज है कि आईबी के अधिकारी उन्हें फोन करते थे।

उसे गृह मंत्रालय से भी कई बार फोन भी किया गया था।

क्लोजर रिपोर्ट में ये भी सामने आया कि दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने उसे झूठा फंसाया है।

इरशाद अली और मौरिफ कमर के वकील सुफियान सिद्दीकी सियासत में इस केस पर बातचीत करते हुए कहते हैं कि ये इरशाद अली और मौकिम कमर का मामला हैरान करने वाला है।

ये देश की सुरक्षा एजेंसी की कार्यशैली पर सवाल उठाता है।

9 फरवरी 2006 को दो घटनाओं पर नजर डालिए।

हिन्दुस्तान टाइम्स के अखबार में एक शख्स के बारे में पहचानने के लिए फोटो छपी।

शाम तक दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने दो लोगों को आतंकवाद के आरोप में पकड़ने का खुलासा किया।

दिल्ली पुलिस ने जिन दो शख्स को आतंकी करार दिया था उनमें एक शख्स अखबार में छपी फोटो वाला मौरिफ कमर था और दूसरा इरशाद अली।

एडवोकेट सुफियान बताते हैं कि जब केस की सीबीआई जांच शुरु हुई तो इस केस की परत- दर- परत खुलने लगी।

सीबीआई जांच में पाया गया दरअसल जिन्हें आतंकवाद का ठप्पा लगाकर देश की सुरक्षा के लिये खतरा बताया गया था वो इसी देश की सुरक्षा एजेंसी के लिये काम करते थे।

सियासत से बातचीत करते हुए इरशाद ने बताया कि वह 2001 से आईबी के लिए काम कर रहा था।

वह आईबी का मुखबिर 5 सालों से था।

उसका काम संदिग्ध लोगों की रेकी करना, उनका पीछा कर उसकी रिपोर्ट आईबी तक पहुंचाना था।

उसे इस काम के लिए 2001 से सात से आठ हजार रुपए मासिक सैलरी भी मिलती थी।

उसको इस काम के लिए मोबाइल और जहां जाना होता था वहां आने-जाने का खर्चा भी दिया जाता था।

इरशाद ने बताया कि 2001 में पुलिसवालों ने उन्हें अगवा कर लिया था।

यह साल 2006 की बात है, जेल में लगातार उनका शोषण हुआ ।

3 दिन की कस्टडी के रखने के बाद दो रास्ता चुनने को कहा दिया पहला- मुखबिर बना जाओ, दूसरा- नहीं तो एनकाउंटर होगा।

इरशाद ने बताया कि मैंने मौत के डर से इनके लिए काम करना शुरु कर दिया।

इरशाद ने कहते हैं कि मुझे अरबी, उर्दू, फारसी आती है इसलिए इन्होंने मुझे अपने काम के लिए चुना।

इरशाद ने बताया कि आईबी वाले उन्हें कश्मीर में रेकी करने के लिये भेजने वाले थे जब उन्होंने उन्होंने वहां जाने से इंकार कर दिया तो उसे 12 दिसंबर 2005 को धौला कुआं सैलरी लेने के लिए बुलाया गया।

लेकिन जब वह धौलाकुआं गया तो उसे गन प्वाइंट पर उठा लिया गया और दो महीने तक लालकिले के आस पास किसी जगह पर अवैध कस्टडी में रखा गया।

इसके बाद उन लोगों ने आतंकी घोषित कर दिया।

दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने इरशाद पर 9 फरवरी 2006 को एफआईआर दर्ज की गई।

इरशाद अपने घर में कमाने वाले अकेले थे।

उन्होंने अपने घर वालों कभी नहीं बताया कि वो आईबी के लिये काम करते थे।

जब उन पर आतंकवादी होने का ठप्पा लगा तो इस सदमे को उनकी अम्मी बर्दाश्त नहीं कर सकी और उनका इंतकाल हो गया।

इरशाद कहते हैं उन्हें अपनी अम्मी की मिट्टी तक में शरीक होने की छुट नहीं मिली।

अम्मी की मौत के दौरान वो जेल में ही थे।

अपने अब्बू का जिक्र करते हुए वो कहते हैं कि उनकी ख्वाहिश थी कि वह अपने जीते जी मुझे बरी होता देखें,

लेकिन वह अपनी यह हसरत लिए ही दुनिया से रूखसत हो गए।

मेरी बेटी भी इलाज के अभाव में मर गई।

इरशाद ने कहा कि वह आज भले ही कोर्ट से बरी हो गया है लेकिन समाज अभी उन्हें शक की निगाह से ही देखता है।

दोस्त-यार, रिश्तेदार सब दूरी बनाकर रहते हैं। उनकों लगता है कि कहीं वह भी मेरे चक्कर में न फंस जाए।

इरशाद कहते हैं कि लोग आज भी देखकर बात करने से कतराते हैं।

उन्होंने बताया कि हालात यहां तक थे कि जब जमानत होने वाली थी,

तो गारंटी भरने को कोई राजी नहीं हो रहा था लेकिन बड़ी मुश्किल से बहनोई ने गारंटी भरा जिसके बाद जमानत मिली।

वकील सूफियान कहते हैं कि हमारे देश में ऐसा कोई कानून नहीं है फर्जी और गलत केसों में फंसे लोगों को इंसाफ दिला सके और उनकों उचित मुआवजा दे सके।

हालांकि कानून में प्रावधान तो है लेकिन उसमें भी बहुत पेचीदगियां है। उन्होंने आस्ट्रेलिया के मोहम्मद हनीफ का उदाहरण देते हुए बताया कि उन पर भी आतंकवादी होने का फर्जी केस लगाया गया था,

लेकिन जब वो अदालत से बेदाग साबित हुए तो आस्ट्रेलिया की संसद ने उनसे माफी मांगी थी।

क्या हमारे देश की संसद इरशाद अली और मौरिफ कमर से माफी मांगेगी?

सीएम अखिलेश को था मुलायम के इस फैसले का अंदाजा- MIM NEWS GUJARAT

विधायकों की मीटिंग में अखिलेश बोले- पार्टी से अलग हुअा पर पिता से नहीं, यूपी जीतकर उन्‍हें तोहफे में दूंगा

 मुलायम सिंह ने शुक्रवार को अखिलेश यादव-रामगोपाल यादव को पार्टी से 6 साल के लिए बाहर कर दिया। इस खबर के आते ही अखिलेश के करीबी विधायक एक-एक कर उनसे मिलने सरकारी आवास पहुंचे।

 सूत्रों के मुताबिक, आवास पर लीडर के तौर पर अखिलेश काफी मजबूत दिखे, लेकिन एक बेटा होने के नाते वे भावुक भी हो गए। यही नहीं, उन्होंने मीटिंग में कहा, 'मुझे पार्टी से अलग किया गया है, पिता से अलग नहीं हुआ हूं। एक बार फिर यूपी जीतकर नेता जी को तोहफे में दूंगा।' 20 से 25 विधायक थे मौजूद...
- मीटिंग में मौजूद एक विधायक ने बताया, 'अखिलेश यादव के बर्खास्‍तगी की खबर मिलते ही एक-एक कर विधायक उनके आवास पर पहुंचने लगे।'
- 'करीब 20 से 25 विधायक मौजूद थे। बात करते-करते कुछ देर के लिए सीएम भावुक हो गए।'

- 'उन्होंने खुद को किसी तरह संभाला, लेकिन उन्होंने पहले की तरह नेता जी से जुड़ा कोई किस्सा शेयर नहीं किया।'
- 'उन्होंने सबको मोटिवेट करते हुए कहा कि वे एक बार फिर यूपी जीतकर नेता जी को तोहफे में देंगे।'
मैच्‍योर लीडर के तौर पर आए सामने
- एक मंत्री ने बताया, 'आज सिर्फ अखिलेश यादव मीटिंग में बोल रहे थे और सब सुन रहे थे।'
- 'किसी के पास कुछ शब्द नहीं थे, लेकिन इस मौके पर सीएम एक मैच्योर लीडर के रूप में सबके सामने आए।'

सीएम को था मुलायम के इस फैसले का अंदाजा

- मीटिंग में मौजूद एक नेता की मानें तो सीएम की बातों से लग रहा था कि उन्हें मुलायम के ऐसे फैसले का अंदाजा था।

- हालांकि, उन्होंने दोहराया कि हमारा मुख्य लक्ष्य यूपी चुनावों में सांप्रदायिक ताकतों को रोकना ही है।
- मीटिंग के दौरान ही कई दूसरे दलों के नेताओं से भी मौजूदा घटनाक्रम को लेकर अखिलेश की फोन पर बात हुई।

नोटबंदी से परेशान लोगों को राहत देते हुए रिजर्व बैंक ने देर रात बड़ा ऐलान किया है।1जनवरी से ATM से 4500 रुपए निकाल सकेंगे। - MIM NEWS GUJARAT


अब 1जनवरी से ATM से 4500 रुपए  निकाल सकेंगे।
नोटबंदी से परेशान लोगों को राहत देते हुए रिजर्व बैंक ने देर रात बड़ा ऐलान किया है।
 पैसे की निकासी सीमा बढ़ाते हुए आरबीआई ने कहा है कि 1 जनवरी 2017 से अब 
लोग 4500 रुपये निकाल सकेंगे। अभी तक यह सीमा 2500 तक ही थी।रिजर्व बैंक ने 
देर रात यह ऐलान किया कि नए साल के पहले दिन से एटीएम से लोग एक दिन में 
अधिकतम 4500 रुपये निकाल सकेंगे। 8 नवंबर को नोटबंदी के ऐलान के बाद से एटीएम 
से पैसा निकालने की सीमा तय कर दी गई थी। वर्तमान में एक दिन में अधिकतर
 2500 रुपये और बैंक से चेक के माध्यम से सप्ताह में एक बार अधिकतम 24000 रुपये
 ही निकाले जा सकते हैं।पहले से ही उम्मीद की जा रही थी कि नए साल कर नोटबंदी से
 लोगों को राहत मिल सकती है। अब रिजर्व बैंक के इस ऐलान से लोगों को बड़ी राहत
 मिलेगी। नोटबंदी पर साल के आखिरी दिन यानि 31 दिसंबर को पीएम नरेंद्र मोदी देश को
 संबोधित भी करेंगे। संभावना जताई जा रही कि वे भी कुछ बड़ा ऐलान कर सकते हैं।

"बच्चा बच्चा मीम का ,अकबर भाई के टीम का "- MIM NEWS GUJARAT


 एक अजीब किस्सा सामने आया है  लगता है की मीम का नारा "बच्चा बच्चा मीम का ,अकबर भाई के टीम का "वाक़ये हकीकत बनते जा रहा है 

 एक 11 साल का बच्चा जिसका नाम मुहम्मद तौसीफ है और जिसका तालुक कर्नाटक के एक गांव से है वह अपने घर को बिना बताये अपने पॉकेट मनी को जमा करके बस पकड़ के हैदराबाद पहुँच गया और बड़ी जिद्दोजेहेत के बाद अकबर भाई के घर के बहार पहुँचा। सिक्योरिटी गेट पे आके बोला में अकबर भाई को बहुत प्यार करता हूँ और बस उनसे मिलने आया हूँ. सिक्योरिटी वाले ने समज़ा की यह लोकल है तो उसने कहा अकबर भाई अभी नमाज़ से आये हैं और अभी मिलने का वक़्त नहीं है। तो उसने अपना स्कूल का ID-कार्ड दिखाके के बोला की वह घर से भाग के आया है सिर्फ अकबर भाई से मिलने के लिए. सिक्योरिटी वाले ने जब वाक़ये पाया तो उसने अकबर भाई को बताया यह सुनके अकबर भाई फ़ौरन बाहिर आगये और उस बच्चे से मिलके गले से लगा लिया ,साथ खाना  खिलाया और उसे वापिस भेजने का इंतज़ाम किया। उसके पूछने पर अकबर भाई ने यकीन दिलाया की वह कर्णाटक को ज़रूर आएंगे।

हैदराबाद से सांसद असद उद्दीन उवैसी ने उत्तर प्रदेश में अपने 23 प्रत्याशी किए घोषित। - MIM NEWS GUJARAT

हैदराबाद से सांसद असद उद्दीन उवैसी ने उत्तर प्रदेश में अपने 23 प्रत्याशी किए घोषित।
1- लखनऊ वेस्ट- मो तौहीद सिद्दीकी
2-खलीलाबाद- हाजी तफसीर खान
3- फरेन्दा महाराजगँज- उपेन्द्र सिह
4- शौहरतगढ- हाजी अली अहमद
5- नौटँवा- कामिनी जायसबाल
6- गैसाडी बलरामपुर- मनजूर आलम खान

7- इकौना श्रावस्ती- कलीम खान
8- मल्लावा हरदोई- रमाकाँत गुप्ता
9- फर्रूखावाद- जनार्दन दत्त राजपूत
10- लखनऊ मध्य- मो इरफान
11- दरयावाद बाराबँकी- आवेश सिद्दीकी
12- वीकापुर- जुबैर अहमद
13- फाजिल नगर- परबेज इलाही
14- धामपुर- शोएब खान
15-उतरौला- हाजी मो निजामउल्लाह
16- अमरोहा- शमीम तुर्क
17- कुँदरकी मुरादाबाद- इसरार मलिक
18- कैसरगँज बहराइच- डाॅ दानिश जमील खान
19- महदावल सँत कबीर नगर- सुनील कुमार यादव
20- इलाहावाद साऊथ- अफजाल मुजीब
21- मीरापुर मुजफ्फरनगर- नौशाद राणा
22- आर्य नगर- हाजी रवीउल्लाह मनसूरी
23- कोल अलीगढ- रूवीना खानम

Friday, December 30, 2016

फुटबॉल स्टार रोनाल्डो का इमोश्नल मैसेज



सीरिया की हर खौफ़नाक सुबह के साथ इन मासूम बच्चों के दिलों में उम्मीदें ज़िंदा हैं

 पिछले कई सालों से सीरिया युद्ध की त्रासदी से जूझ रहा है. सीरिया के सबसे बड़े शहर अलेप्पो में भीषण बमबारी के बीच लोग जिंदगी और मौत के बीच संघर्ष कर रहे हैं. दहशत का आलम ये था कि यहां फंसे कई लोग बमबारी के बीच अपने आखिरी संदेशों को सोशल मीडिया के द्वारा लोगों तक पहुंचाने लगे थे

दुनिया के सबसे मशहूर फुटबॉलर्स में शुमार, क्रिस्टियानो रोनाल्डो ने सीरिया के लोगों से मज़बूती के साथ संघर्ष करते रहने की अपील की है. क्रिस्टियानो का बचपन भी काफी मुश्किलों में गुजरा था और सुपरस्टार बनने के सफर में उन्हें कई कठिनाईयों का सामना करना पड़ा था. रोनाल्डो जानते हैं कि सीरिया के बच्चे और वहां के लोगों की परेशानियों के आगे उनकी दिक्कतें कुछ भी नहीं.- MIM NEWS GUJARAT

मुस्लिम आरक्षण मोर्चा के नेतृत्व में तैयार नजीब की लड़ाई को लाखों ने एक टूट सवाल उठाया ,” नजीब कहां है ?


मां के आंखों के रोजाना गिरने वाले आंसू कब सूखे़गे। तमाम सवालों के साथ इस मोर्चा ने नजीब की लड़ाई को आगे भी जारी रखने की बात कही।

75  दिन बीत जाने के बाद भी मां फातिमा खाली हाथ है। लेकिन नजीब कहां है ? इसके लिए पूरा देश एकसाथ है।अब पुरे देश में होगा नजीब_अहमद के इन्साफ के लिए मोदी_सरकार के खिलाफ़ विरोध
1 जनवरी से नजीब की अम्मी भूख हड़ताल पर बैठेंगी क्या आप इस माँ को
इन्साफ मिलेगा ?
 हाईकोर्ट ने जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) लापता छात्र नजीब अहमद का दो महीने बीतने पर भी पता न चलने पर गहरी चिंता जताई है।
अदालत ने कहा यह काफी दुख का विषय है और हम चाहते है कि एक मां को उसका बेटा वापस मिल जाए। वहीं दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा ने कहा कि अहमद का पता लगाने के लिए कई कदम उठाए गए हैं लेकिन उसका पता नहीं चल पाया फिलहाल जांच जारी है।
न्यायमूर्ति जी एस सिस्तानी और न्यायमूर्ति विनोद गोयल की खंडपीठ ने नजीब अहमद की मां फातिमा नफीस की याचिका पर सुनवाई करते हुए कहा अगर हम छात्र के बारे में पता लगाने के लिए बुरी कल्पना नहीं कर सकते। हम चाहते है कि वह अपने घर वापस आ जाए और मां को बेटा मिल जाए।

दिल्ली AIMIM बस एक मिस कॉल करें और ज्वाइन करें दिल्ली aimim पार्टी !

दिल्ली AIMIM बस एक मिस कॉल करें और ज्वाइन करें दिल्ली aimim पार्टी !
https://youtu.be/izsYW1toEb4
Please subscribe Like & Shear
MIM NEWS youtube channel Thank you

Thursday, December 29, 2016

नोट बंदी के मार से अभी तक जूझ रहे गरीब तबके के लोग फखरे आलम मीम न्यूज़ दरभंगा


दरभंगा,28 दिसम्बर : आखिर कब ठीक होगा बैंको में भीड़ लगने का मसला आज 48 दिन होने के बाद भी बैंकों के बाहर तक लाइनें लगी नजर आ रही है हालाकिं शहरी क्षेत्रों में बैंकों के भीड़ से लोगों को कुछ राहत मिली है! लेकिन ग्रामीण क्षेत्रों में अभी भी गरीब तबके के लोग नोट बंदी के मार से जूझ रहे है सुबह से शाम हो जाती है पैसा नहीं मिल पाता ! घनश्यामपुर क्षेत्र के लगमा गांव का बैंक ऑफ़ इंडिया जिसमे बैंक से लेकर बाहर तक लंबी लंबी लाइनें लगी रहती है लोगों का कहना है कि हमें ज्यादा पैसों की जरुरत रहती है मगर बैंक हमें उतना दे नहीं रही है मोदी सरकार के नोट बंदी के फैसले से हम जैसे गरीब किसान मजदूर तबके के लोग ही परेशान हैं ना की कालेधन वाले हमें अभी बैंक में सिर्फ 100 के 2000 के नोट ही मिलते हैं जिन्हें 100 के नोट मिले उनका तो चल जाता है लेकिन किसी गारीब को अगर 2000 हजार के नोट मिलने पर उसे छुट्टे कराने में भी दस दुकानों के चक्कर लगाने पड़ते हैं