विधायकों की मीटिंग में अखिलेश बोले- पार्टी से अलग हुअा पर पिता से नहीं, यूपी जीतकर उन्हें तोहफे में दूंगा
मुलायम सिंह ने शुक्रवार को अखिलेश यादव-रामगोपाल यादव को पार्टी से 6 साल के लिए बाहर कर दिया। इस खबर के आते ही अखिलेश के करीबी विधायक एक-एक कर उनसे मिलने सरकारी आवास पहुंचे।
सूत्रों के मुताबिक, आवास पर लीडर के तौर पर अखिलेश काफी मजबूत दिखे, लेकिन एक बेटा होने के नाते वे भावुक भी हो गए। यही नहीं, उन्होंने मीटिंग में कहा, 'मुझे पार्टी से अलग किया गया है, पिता से अलग नहीं हुआ हूं। एक बार फिर यूपी जीतकर नेता जी को तोहफे में दूंगा।' 20 से 25 विधायक थे मौजूद...
- मीटिंग में मौजूद एक विधायक ने बताया, 'अखिलेश यादव के बर्खास्तगी की खबर मिलते ही एक-एक कर विधायक उनके आवास पर पहुंचने लगे।'
- 'करीब 20 से 25 विधायक मौजूद थे। बात करते-करते कुछ देर के लिए सीएम भावुक हो गए।'
- 'उन्होंने खुद को किसी तरह संभाला, लेकिन उन्होंने पहले की तरह नेता जी से जुड़ा कोई किस्सा शेयर नहीं किया।'
- 'उन्होंने सबको मोटिवेट करते हुए कहा कि वे एक बार फिर यूपी जीतकर नेता जी को तोहफे में देंगे।'
मैच्योर लीडर के तौर पर आए सामने
- एक मंत्री ने बताया, 'आज सिर्फ अखिलेश यादव मीटिंग में बोल रहे थे और सब सुन रहे थे।'
- 'किसी के पास कुछ शब्द नहीं थे, लेकिन इस मौके पर सीएम एक मैच्योर लीडर के रूप में सबके सामने आए।'
सीएम को था मुलायम के इस फैसले का अंदाजा
- मीटिंग में मौजूद एक नेता की मानें तो सीएम की बातों से लग रहा था कि उन्हें मुलायम के ऐसे फैसले का अंदाजा था।
- हालांकि, उन्होंने दोहराया कि हमारा मुख्य लक्ष्य यूपी चुनावों में सांप्रदायिक ताकतों को रोकना ही है।
- मीटिंग के दौरान ही कई दूसरे दलों के नेताओं से भी मौजूदा घटनाक्रम को लेकर अखिलेश की फोन पर बात हुई।
मुलायम सिंह ने शुक्रवार को अखिलेश यादव-रामगोपाल यादव को पार्टी से 6 साल के लिए बाहर कर दिया। इस खबर के आते ही अखिलेश के करीबी विधायक एक-एक कर उनसे मिलने सरकारी आवास पहुंचे।
सूत्रों के मुताबिक, आवास पर लीडर के तौर पर अखिलेश काफी मजबूत दिखे, लेकिन एक बेटा होने के नाते वे भावुक भी हो गए। यही नहीं, उन्होंने मीटिंग में कहा, 'मुझे पार्टी से अलग किया गया है, पिता से अलग नहीं हुआ हूं। एक बार फिर यूपी जीतकर नेता जी को तोहफे में दूंगा।' 20 से 25 विधायक थे मौजूद...
- मीटिंग में मौजूद एक विधायक ने बताया, 'अखिलेश यादव के बर्खास्तगी की खबर मिलते ही एक-एक कर विधायक उनके आवास पर पहुंचने लगे।'
- 'करीब 20 से 25 विधायक मौजूद थे। बात करते-करते कुछ देर के लिए सीएम भावुक हो गए।'
- 'उन्होंने खुद को किसी तरह संभाला, लेकिन उन्होंने पहले की तरह नेता जी से जुड़ा कोई किस्सा शेयर नहीं किया।'
- 'उन्होंने सबको मोटिवेट करते हुए कहा कि वे एक बार फिर यूपी जीतकर नेता जी को तोहफे में देंगे।'
मैच्योर लीडर के तौर पर आए सामने
- एक मंत्री ने बताया, 'आज सिर्फ अखिलेश यादव मीटिंग में बोल रहे थे और सब सुन रहे थे।'
- 'किसी के पास कुछ शब्द नहीं थे, लेकिन इस मौके पर सीएम एक मैच्योर लीडर के रूप में सबके सामने आए।'
सीएम को था मुलायम के इस फैसले का अंदाजा
- मीटिंग में मौजूद एक नेता की मानें तो सीएम की बातों से लग रहा था कि उन्हें मुलायम के ऐसे फैसले का अंदाजा था।
- हालांकि, उन्होंने दोहराया कि हमारा मुख्य लक्ष्य यूपी चुनावों में सांप्रदायिक ताकतों को रोकना ही है।
- मीटिंग के दौरान ही कई दूसरे दलों के नेताओं से भी मौजूदा घटनाक्रम को लेकर अखिलेश की फोन पर बात हुई।

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