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Thursday, May 11, 2017

मुसलमान हे हमे पढने के बाद नौकरी कौन देगा ?

मुसलमान हे हमे पढने के बाद नौकरी कौन देगा ?


मुज्ज़फ्फर् नगर : दोस्तों तालीम एक ऐसी चीज है जो ना तो आप किसी से खरीद सकते है ना ही चुरा सकते हो तालीम एक ऐसी चीज है जो हर किसी के पास नही होती किसी के पास पैसो को लेकर तो किसी की मजबूरी लेकिन हमे अपनी मजबूरी के साथ साथ अपने बच्चो के भविष्य का भी ध्यान रखना चाहिए |

अगर आप के पास प्राईवेट स्कूल मे पढाने के लिए पैसे नही है तो अपने बच्चो को सरकारी स्कूल मे भेजो | मुस्लिम समाज के अन्दर अगर 50% बच्चे स्कूल मे पढते वे 8 या 10 तक अच्छी तरह से पढते हे बाद मे 25%बच्चे सोचते हे की हम मुसलमान हे हमे नौकरी कौन देगा ओर 25% बच्चो के मा बाप पैसे कमाने के लिए कहते हैं|

और  पैसे कमाने के लिए छोड देते है एग्ज़ाम के वक्त अगर पेपर 50 नम्बर का हे तो उसे आप अच्छे से कर के आए मे तो ऐसा कहूगा की 50 नम्बर के बजाय 60 नम्बर का पेपर कर के लौटे अगर आपकी तरफ से कोई कमी नही हे तो सामने वाला खुद झुक जाएगा |

आपको काम देना ही होगा इस गलत फहमी मे मत रहीए नौकरी नही मिलेगी मे भी आपकी तरह ये गलत सोच अपने मन मे रखता था लेकिन मे गलत था अब मेने भी फिर से पढाई शुरू कर दी ओर दोस्तो हमे कोशिश नही  ठानना है फिर देखो सच्ची लगन से आपकी मेहनत जरूर रंग लाएगी

इसलिए ही तो मे कहता हू हमने ठाना है मन्दिर मे गीता हो चाहे मस्जिद मे हो कुरान सब के अन्दर लिखा है बस एक ही नाम राम बोलो चाहे बोलो अल्लाह | यहा कोई किसी का नही है मेरे भाई वोही भरता है सबका पल्ला

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