औवेसी सपा के मुस्लिम वोटर में सेंध लगाकर करेगे यूपी में “एन्ट्री” !
इमरान खान, दिल्ली
देश का सबसे बड़ा राज्य और सर्वाधिक मुस्लिम आबादी वाले राज्य उत्तर प्रदेश में चुनाव की तारीखो के ऐलान के साथ ही पार्टियों में गठबंधन और टिकट को लेकर भगदड़ तेज हो गई है | वोटर को पाले में लाने के लिए पार्टीयां हर सम्भव कोशिश करने में लगी हुई है |
अगले महिने में उत्तर प्रदेश में वोटिंग होनी है | उत्तर प्रदेश का चुनाव इसलिए भी महत्वपूर्ण हो जाता है क्योंकि दिल्ली का रास्ता यही से होकर गुजरता है |उत्तर प्रदेश राज्यों में मुस्लिम वोटर भी बहुत महत्वपूर्ण माना जाता है | मुस्लिम वोटर अगर किसी एक पार्टी को वोटिंग कर दे तो उसका ही सत्ता में आना तय माना जाता है | पिछले चुनाव में मुस्लिम वोटर सपा के साथ रहा था | उसमें सपा को सत्ता में बिठने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी | परन्तु इस बार समीकरण कुछ बदले हुए नज़र आ रहे है इसकी प्रमुख वजह सपा परिवार में कलह के बीच मुसलमानों वोटर में असमंजस की स्थिति पैदा हुई है , मुसलमानों से किए गए 18 % आरक्षण के वादे जो अब तक अधूरे है , नौजवान मुस्लिम बेकसूरों की रिहाई नही होने , मुजफ्फरनगर दंगे और दादरी कांड में मुसलमान के साथ हुई नाईन्साफी को बताया जा रहा है |
अखिलेश सरकार के पांच वर्ष जनहित की अपेक्षा निज-हित के लिए भी याद किए जाएंगे | इस दौरान सपा राष्ट्रीय अध्यक्ष मुलायम सिहं यादव के सामंती जन्मोत्सव, सैफई महोत्सव और राजशाही तिलकोत्सव के साथ ही मुजफ्फरनगर दंगे ,बिजनौर कांड, दादरी कांड , अलीगढ़ कांड , किसानों की बदहाली, महिलाओं की त्रासदी का भी गवाह बना है | सार्वजनिक गुंडई ,दबंगई और साम्प्रदायिक दंगों से जनता लगातार बेहाल रही है |अखिलेश सिंह यादव ने 2012 में मुख्यमंत्री पद की शपथ ली | जैसे 2012 में चुनौतियां थी वो आज भी बरकरार हैं | दंगो को रोकना चुनौती थी मगर अखिलेश के शासन में दंगो के मामले में बढ़ोतरी हुई | कानून-व्यवस्था चुनौती थी और आज भी है | औद्योगिक निवेश और विकास की चुनौतियां पहले भी थी और आज भी हैं | बड़ी-बड़ी बातें तो खूब हुईं, लेकिन जमींन पर कुछ नहीं हुआ | सभी किसानों का पचास हजार रुपये तक का कर्ज माफ करने, गन्ने के दामों में बढ़ोत्तरी करने और किसान आयोग बनाने समेत अनेक वादे किए थे लेकिन वे भी पूरे नहीं हुए |
उत्तर प्रदेश में मुस्लिम वोट का मुख्य तौर पर सपा-बसपा और कांग्रेस का दावा रहता है,सपा जहा मुस्लिमों की पहली पसंद है तो वही बसपा दूसरी और कांग्रेस तीसरी पसंद बताई जाती है | पर उत्तर प्रदेश में अब असद् उद्दीन ओवैसी की एआईएमआईएम पार्टी आने से यूपी में सियासी दलों में हलचल बढ़ा दी है | सपा के रणनीतिकारों का मानना है कि ओवैसी की पार्टी यूपी में जितनी मजबूत होगी उतना ही नुकसान सपा को होगा | लेकिन ये तो आने वाला वक्त ही बताएगा कि औवेसी सपा के मुस्लिम वोटर में सेंध लगाकर उत्तर प्रदेश में खाता खोल पाते है या नही |
हैदराबाद सांसद और एआईएमआईएम पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष असद् उद्दीन औवेसी यूपी पर नजरे लगाए हुए | पिछले कई महीनों से यूपी में उनके लगातार दौरे भी होते रहे है | और अब वो अपने चुनावी सभा में सपा सरकार पर लगातार हमले भी कर रहे है | उत्तर प्रदेश के कैराना में ओवैसी ने एक जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि सपा सरकार दंगा कराने और मुसलमानों से झूठे वादे करने वाली सरकार है | उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव की सरकार ने मुसलमानों को डिस्पोजल ग्लास की तरह इस्तेमाल किया है | न तो सरकार ने मुसलमानों से आरक्षण का वादा पूरा किया और ना ही बेकसूर मुसलमान युवकों की रिहाई करवाई गई |

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