कितनी अजीब बात है न! जो देश भक्त है वह देश विरोधी काम करते
और जिसे देश द्रोही कहा जाता है वह देख भक्ति का परचम लहराते है
अगर आप हिंदुस्तानी है तो खुद पे फक्र जरूर करेंगे ! जब देश की शानतीन रंगों में रंगा देश का झंडा जब आसमान में शान से लहराता है और हम
देश के तिरंगे झंडे को सलामी देते है
वही दूसरी तरफ
हिन्दू माहसभा देश को शर्मशार करने का कोई मौका नहीं छोड़ता !
एक तरफ देश भक्ति का ढिंडोरा पिटते है तो दूसरी तरफ देश के ही
खिलाफ खरे दिखते है
जहा देश 68 वा गणतंत्र दिवस की खुशिया मना रहा था वही हिन्दू
माहसभा के लोग 26 जनवरी के ठीक एक दिन पहले गणतंत्र दिवस
को काला दिवस केह गणतंत्र दिवस का विरोध कर रहे थे !
हलाकि ये पहली मरतबा नहीं हुवा है लगभग ये 50 वर्षों से गणतंत्र
दिवस को काला दिवस मानते है
हम आपको बताना चाहते है की ये वह लोग जो देश के महात्मा कहलाने वाले गाँधी जी
को नहीं बल्कि महात्मा गाँधी जी का कत्ल करने वाला नाथू राम गोडसे की पूजा
करते है !
ये वह लोग है जो देश की गंगा जमुना तहजीब को खत्म कर देश को हिन्दू राष्ट्र
बना ना चाहते ! इनकी ऐसी नीच हरकतों को देख कर भी केन्द्र सरकार इनके
खिलाफ कोई कारवाही करती है न ही प्रशासन
बस ऐसे देश द्रोहियो के तमासे को ख़ामोशी से देखती है !



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